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लोहिया में आठ दिन में दूसरी प्रसूता की मौत, हंगामा

Sat, 09 Jan 2016 02:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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लोहिया अस्पताल में शुक्रवार को एक और प्रसूता ने दम तोड़ दिया। घरवालों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोहिया में आठ दिन में प्रसूता की मौत का यह दूसरा मामला है।
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लोहिया अस्पताल में बीते एक जनवरी को बाराबंकी, टिकैतनगर के अमरनाथ शर्मा की गर्भवती पत्नी कोमल शर्मा (22) की दो बार ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी, जिसकी जांच चार सदस्यीय कमेटी कर रही है।

रकाबगंज के संजय कश्यप की पत्नी पुष्पा कश्यप (27) को प्रसव पीड़ा के बाद बुधवार को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संजय ने बताया कि बुधवार को ऑपरेशन से पुष्पा ने शिशु को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद पुष्पा को पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
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हालत सुधरने के बाद उसे पहले तल पर स्थित जनरल वार्ड में भर्ती कर दिया गया। शुक्रवार को मरीज की दिक्कत बढ़ गई। इलाज करने वाले डॉक्टर ने दवा दी। इसके कुछ घंटे बाद पेशाब पूरी तरह बंद हो गई।

डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा किया हंगामा

डॉक्टर ने लोहिया संस्थान रेफर कर दिया, लेकिन इलाज अस्पताल में ही चलता रहा। शुक्रवार को उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। नाजुक हालत में पुष्पा को वेंटिलेटर यूनिट में भर्ती कराया गया। लगातार कई घंटे तक इलाज चलने के बाद शनिवार शाम करीब छह बजे पुष्पा की मौत हो गई।

पुष्पा की मौत के बाद परिवारीजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिवारीजनों का आरोप था कि अस्पताल की महिला डॉक्टरों ने समय पर बेहतर इलाज किया होता तो पुष्पा की जान नहीं जाती।

लोहिया संस्थान में इलाज नहीं
लोहिया अस्पताल और लोहिया संस्थान के एकीकरण की तैयारी चल रही है। लेकिन अभी सच ये है कि अस्पताल में भर्ती किसी मरीज की हालत बिगड़ जाए तो संस्थान का स्पेशलिस्ट डॉक्टर देखने को तैयार नहीं होता है।

रस्म अदाएगी के लिए जेआर और एसआर डॉक्टरों को भेज दिया जाता है। संस्थान का कोई भी डॉक्टर अस्पताल पहुंचकर इलाज देने में कतराता है।
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शिकायत मिलेगी तो जांच कराएंगे

मामले पर लोहिया महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. लिली सिंह का कहना है कि लोहिया अस्पताल में महिला मरीज के मौत की जानकारी मिली है। इस मामले में इलाज करने वाले डॉक्टर की कोई लापरवाही नहीं है।

मरीज को खून की कमी थी और किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। मरीज को हर संभव इलाज दिया गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मामले की शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, महिला डॉक्टरों की लापरवाही से एक प्रसूता की जान चली गई। प्रसव के बाद महिला को जनरल वार्ड में भर्ती कराया गया था। अचानक यूरिन बंद होने के बाद डॉक्टरों ने यूरोलॉजिस्ट से दिखाने की सलाह दी।

इसके बाद भी हालत नहीं सुधरी तो प्रसूता को वेंटिलेटर पर भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। प्रसूता की मौत के बाद नाराज परिवारीजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मौके पहुंचे डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों ने मामला शांत कराया।
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