लखनऊ। दुबग्गा के टांडखेड़ा गांव में ननिहाल में रह रहे दृष्टिबाधित वीरेंद्र उर्फ डोंगा (50) की शुक्रवार शाम सगे भाई नरेंद्र उर्फ भुल्लू ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के मामा रमेश के बेटे कपिल की तहरीर पर पुलिस ने नामजद केस दर्ज करते हुए नरेंद्र उर्फ भुल्लू और उसके पोते चिराग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इंस्पेक्टर अभिनव वर्मा के अनुसार मानक नगर निवासी वीरेंद्र उर्फ डोंगा पिछले छह महीने से अपनी मां अशोका के साथ टांडखेड़ा में रह रहा था। चार महीने पहले मृतक की मां ने दस बिस्वा जमीन 40 लाख रुपये में बेची थी। इस रकम में दूसरा बेटा नरेंद्र उर्फ भुल्लू लगातार हिस्सा मांग रहा था। मां के पैसे देने से इन्कार करने पर नरेंद्र ने बेटे जितेंद उर्फ अन्नू और पोते चिराग के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। चिराग से रेकी कराई गई और उसके फोन पर नरेंद्र अपने बेटे जितेंद उर्फ अन्नू के साथ बाइक से पहुंचा। मौके पर उसने लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से अपने दृष्टिबाधित भाई वीरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात की तस्वीरें सीसीटीवी में कैद हुई थीं।
पुलिस ने शनिवार को नरेंद्र और पोते चिराग को मानकनगर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। दोनों आरोपियों को रविवार को जेल भेज दिया गया। वहीं तीसरा आरोपी जितेंद उर्फ अन्नू फरार है, जिसकी तलाश जारी है।