मोहनलालगंज में गौरा गांव के पास बदमाशों ने आरी से रेलवे पटरी काट डाली। प्रयाग-लखनऊ पैसेंजर गुरुवार की देर रात इस टूटी हुई पटरी से गुजर गई। रफ्तार कम होने की वजह से ट्रेन पलटने से बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
किसी बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुये आरपीएफ, जीआरपी, सिविल पुलिस के अलावा एसटीएफ की टीमों को इसकी जांच पड़ताल में लगाया है। फिलहाल पुलिस को अब तक कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिले हैं।
रायबरेली-लखनऊ रेलमार्ग पर लोको पायलट को जब तेज झटका लगा तो उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। उसने जांच पड़ताल की तो इंजन के फ्यूल टैंक को डैमेज पाया। साथ ही लगभग 50 सेंटीमीटर पटरी भी कटी मिली।
इसके बाद आनन-फानन में सूचना मोहनलालगंज के स्टेशन मास्टर को दी गई। पटरी कटी होने की सूचना मिलते ही रेलवे में हड़कंप मच गया। विभाग के उच्चाधिकारी और पुलिस ने मौक पर जाकर जांच पड़ताल की। इसके बाद सुबह 7.30 बजे ट्रैक की मरम्मत कर यातायात बहाल कर दिया गया।
100 मीटर दूर पड़ा मिला कटा हुआ हिस्सा
प्रतापगढ़-रायबरेली होते हुए लखनऊ आ रही थी। बृहस्पतिवार रात को 2.47 बजे उसने कनकहां फाटक पार किया और 2.58 बजे ट्रेन मोहनलालगंज फाटक पर पहुंची। ट्रेन के ड्राइवर केके वर्मा के अनुसार गेट संख्या 10148/7 के पास पहुंचने पर उसे तेज झटका महसूस हुआ और ऐसा लगा कि कुछ टूटकर इंजन के नीचे टकराया है। उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी रोकी।
जांच में पता चला कि इंजन के फ्यूल टैंक से कुछ टकराया है, जिसकी वजह से टैंक भी क्षतिग्रस्त हो गया है। उसने ट्रैक की जांच की तो पाया कि लगभग 50 सेंटीमीटर पटरी टूटी पड़ी है। पूरी गाड़ी टूटे ट्रैक से पार होने जाने के ख्याल से ही लोको पायलट के होश उड़ गए।
उसने आनन-फानन में कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। इसके बाद मौके पर रेलवे के वरिष्ठ मंडल अभियंता हेमंत कुमार, वरिष्ठ संरक्षा अधिकारी डीके सिंह सहित आरपीएफ कमांडेंट, एसएसपी व पुलिस के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
घटना स्थल की जांच में पाया गया कि पटरी को आरी से काटा गया था। यह आरी घटनास्थल के पास ही पड़ी मिली। ट्रेन के गुजरने से छिटक कर कटा हुआ हिस्सा लगभग 100 मीटर दूर पड़ा मिला। डीआरएम एके लाहोटी ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
छह ट्रेनें घंटों तक प्रभावित रहीं
देर रात रेलवे के इंजीनियर और टेक्निकल स्टॉफ पटरी की मरम्मत करने में जुटे रहे। रायबरेली-लखनऊ रेलमार्ग पर ट्रेनों को आवागमन रोक दिया गया। पीछे आ रही ट्रेनों को रोक दिया गया। सुबह लगभग सात बजे पटरी दुरुस्त हो सकी। इसके बाद ही इस रूट पर आवागमन चालू हुआ।
इस दौरान दिल्ली मालदा टाउन एक्सप्रेस (14004) चार घंटे रही। इसी तरह पद्मावत एक्सप्रेस (14208) ढाई घंटे, नौचंदी एक्सप्रेस (14512) डेढ़ घंटे, लखनऊ प्रयाग पैसेंजर (54254) दो घंटे, लिंक एक्सप्रेस (22408) और गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन (22408) साढ़े चार घंटे की प्रभावित रहीं। ट्रेनों में सवार हजारों यात्रियों को इसकी वजह से काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
आतंकी साजिश से इन्कार नहीं
मामले पर एसएसपी लखनऊ राजेश कुमार पांडेय का कहना है कि रेलवे पटरी को काटने की घटना बेहद गंभीर है। इस मामले में किसी आतंकी संगठन की साजिश होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
एसटीएफ के साथ साथ लोकल पुलिस की टीमें गंभीरता से इस मामले में जांच पड़ताल कर रही हैं। खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हैं। पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये हैं। रेलवे स्टेशन और ट्रैक के आस पास देर रात पेट्रोलिंग के निर्देश दिये गये हैं।