बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव क्षेत्र में गश्त पर निकले एक वनकर्मी को एक बाघ ने निवाला बना लिया। करीब 24 घंटे बाद उसका शव भारत-नेपाल सीमा पर क्षतविक्षत हालत में बरामद किया।
कर्तनिया रेंज में तैनात वनवाचर भोंदू पुत्र दुखीराम (60) बुधवार की सुबह कर्तनिया रेंज के पटियारा बीट में गश्त के लिए गए हुए थे। जब भोंदू शाम 4 बजे तक घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने ग्रामीणों संग मिलकर उनकी तलाश शुरू की।
रात भर सघन तलाशी के बाद सुबह करीब 9 बजे वनवाचर भोंदू की लाश क्षत-विक्षत हालत में बेत के घने जंगलों में पड़ी दिखाई दी। जैसे ही ग्रामीण शव के करीब जाने लगे। उन्हें शव से करीब 50 मीटर दूरी पर बाघ बैठा दिखायी दिया। बाघ को देख सबके होश उड़ गये। कुछ देर बाघ वन वाचर के शव के करीब बैठा रहा। फिर भीड़ को देख घने जंगलों में चला गया।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी मौके कर्तनिया रेंज के डिप्टी रेंजर शत्रोहन लाल वन दरोगा अनिल कुमार, वाचर रवींद्र थाना सुजौली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे में लिया। डिप्टी रेंजर शत्रोहन लाल ने कहा कि वनवाचर भोंदू कल वन क्षेत्र में गश्त के लिए गया था। आज सुबह इस का शव घने जंगलों में बरामद हुआ है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।