उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के गौरीगंज के एक स्कूल में टीचर के अभिवादन में खड़े न होने पर 12वीं के एक छात्र को पीटकर बेंच पर खड़ा कर दिया गया।
पिटाई के बाद छात्र की हालत ऐसी बिगड़ी कि दो दिन बाद उसकी मौत हो गई।
मंगलवार को जिलाधिकारी के पास पहुंचे छात्र के परिवारीजनों ने आरोपी शिक्षक और एक शिक्षिका के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग की है।
डीएम ने एसपी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है।
ये है पूरी घटना
पूरे जियन तिवारी मजरे रेहुआ लालगंज थाना उदयपुर जिला प्रतापगढ़ निवासी संतोष त्रिपाठी का पुत्र विनम्र अमेठी के शिव प्रताप इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र था।
विनम्र के पिता संतोष की मानें तो बीते पांच जुलाई को विद्यालय में शिक्षक डॉ. केशरी शुक्ल के कक्षा में आने पर उनका पुत्र विनम्र खड़ा नहीं हुआ।
इस पर शिक्षक गुस्सा गए और उनके पुत्र की गर्दन पकड़कर बेंच पर खड़ा कर दिया। इसके बाद अपशब्द कहे, मारापीटा और उठक-बैठक भी कराई।
पिटाई के बाद हालत बिगड़ने पर साथी छात्र विनम्र को अमेठी शहर के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। हालत में सुधार नहीं होते देख विनम्र को जिला अस्पताल प्रतापगढ़ ले जाया गया, जहां से उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया गया।
टीचर ने अभिभावक को दी धमकी
इलाहाबाद में जांच के दौरान पता चला कि विनम्र को ब्रेन हैमरेज हो गया है। इलाज के दौरान विनम्र की सात जुलाई को दोपहर में मौत हो गई।
संतोष की मानें तो शिक्षक की ओर से किए गए शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न के कारण ही विनम्र को ब्रेन हैमरेज हुआ और उसने दम तोड़ दिया।
इतना ही नहीं जब वे मामले की शिकायत लेकर कॉलेज पहुंचे तो वहां विद्यालय की संरक्षिका (जूनियर वर्ग की शिक्षिका) विजय लक्ष्मी सिंह ने उन्हें कॉलेज से जबरन निकलवाने की धमकी दी।
घटना के बाद पीड़ित परिवारीजन मंगलवार को डीएम जगतराज त्रिपाठी के पास पहुंचे और शिक्षक केशरी शुक्ल व विद्यालय के जूनियर वर्ग की शिक्षिका विजय लक्ष्मी सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करवाने की मांग की।
प्रधानाचार्य ने किया इनकार
कॉलेज प्रधानाचार्य नवल किशोर सिंह ने कहा कि उनके यहां तैनात शिक्षक ने विनम्र से मारपीट नहीं की। घटना की जानकारी होने के बाद उन्होंने विनम्र के क्लास के अन्य बच्चों से भी इसकी जानकारी ली थी।
पुलिस ने दिया जांच का आश्वासन
पुलिस अधीक्षक हीरालाल ने बताया कि जिलाधिकारी ने प्रकरण से जुड़ा प्रार्थना पत्र उन्हें सौंपा है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। घटना सही मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।