फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूल में फटकार पड़ी तो छात्र ने खुद को मार ली गोली, मौत

Sun, 04 Dec 2016 02:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
ललित यादव फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
हजरतगंज के कैथेड्रल स्कूल में सार्वजनिक रूप से फटकार से आहत 12वीं के छात्र मड़ियांव के मौर्यनगर निवासी ललित यादव (17) ने शनिवार को पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मार ली।
विज्ञापन


खून से लथपथ तड़प रहे बेटे को मां शिवदेवी लेकर ट्रॉमा सेंटर भागी लेकिन उसको बचाया नहीं जा सका। मां शिवदेवी का आरोप है कि प्रिंसिपल फादर मेल्विन सल्डान्हा और टीचर ललित को आए दिन प्रताड़ित करते थे।

शनिवार को भी फादर ने बेटे को सबके सामने जलील किया और बाइक-मोबाइल स्कूल में रखवाकर उसे घर भेजा। देर रात तक इस मामले में केस दर्ज नहीं कराया गया था। हालांकि मड़ियांव इंस्पेक्टर नागेश मिश्रा ने बताया तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

क्लास रूम में सबके सामने लगाई फटकार

ललित यादव के घर के बाहर लगी भीड़ - फोटो : amar ujala
मां शिवदेवी का कहना है कि ललित सुबह करीब साढ़े सात बजे बाइक से स्कूल गया था। स्कूल गेट के पास ही एक रिक्शे में बाइक से ठोकर लग गई। रिक्शा का रिम टूट गया। लोगों ने ललित को पकड़ लिया।

ललित ने रिम दुरुस्त कराने के लिए रिक्शेवाले को 150 रुपये दिए। इसके बाद भी रिक्शा चालक ने प्रिंसिपल से ललित की शिकायत कर दी। फादर ने क्लासरूम में जाकर ललित को फटकार लगाई। उसकी तलाशी ली तो मोबाइल फोन मिल गया। इस पर फादर गुस्सा हो उठे।

उन्होंने पिता अमरनाथ को कॉल करके बेटे को स्कूल से ले जाने के लिए कहा। अमरनाथ ने पत्नी शिवदेवी को फोन पर ललित को स्कूल से लाने को कहा।

फटकारा, बाइक-मोबाइल रख लिया, पीटी टीचर के साथ घर भेजा

रोते बिलखते ललित के परिजन - फोटो : amar ujala
शिवदेवी का कहना है कि वह बेटे को लेने स्कूल चली गईं जबकि स्कूल के पीटी टीचर जॉन उसे लेकर घर आ गए। पीटी टीचर ने बाहर से ही मुझे फोन कर बेटे को बाहर छोड़ने की जानकारी दी और चले गए।

ललित गेट खोलकर सीधा मकान की पहली मंजिल पर पहुंचा और आलमारी का लॉक खोलकर पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर कनपटी पर गोली मार ली।

शिवदेवी के मुताबिक जब वह घर पहुंचीं तो कमरे में फर्श पर खून से लथपथ पड़ा ललित छटपटा रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। वहीं घरवालों ने स्कूल फादर पर छात्र पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की बात कही है।
विज्ञापन

टीचर को रुकने को कहा था....शायद रुक जाते तो बच जाता मेरा बेटा

फर्श पर पड़ा खून - फोटो : amar ujala
शिवदेवी का कहना है, मैं बेटे को लेने निकल चुकी थी, तभी पीटी टीचर ने फोन पर बताया कि ललित को घर छोड़ दिया है। मैंने टीचर से रुकने को कहा लेकिन वह चले गए। फादर व पीटी टीचर की लापरवाही से बेटे की जान गई है।

कैथेड्रल सीनियर सेकंडरी स्कूल के प्रिंसिपल फादर मेल्विन सल्डान्हा का कहना है कि छात्र ने एक रिक्शे वाले को बाइक से टक्कर मार दी थी, इसलिए उसे चेतावनी दी गई थी। छात्र के इस कदम से हम लोग भी सदमे में हैं।

विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए स्टूडेंट्स को उनकी गलती का अहसास कराना भी जरूरी है। स्टूडेंट को केवल उसकी गलती का एहसास कराया गया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें