लखनऊ में खदरा में बृहस्पतिवार तड़के छात्र शिवा पांडेय ने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने रिवॉल्वर को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। खदरा के शिवनगर निवासी दिलीप पांडेय सिक्योरिटी गार्ड हैं। बुधवार रात पूरा परिवार सो रहा था। दिलीप का 19 वर्षीय बेटा शिवा कमरे में अकेले सो रहा था। बृहस्पतिवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे उसने पिता की रिवॉल्वर से माथे पर गोली मार ली, जो आर-पार हो गई। शिवा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे तो देखा शिवा खून से लथपथ फर्श पर पड़ा था। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
अफसोस... क्यों नहीं लॉक की अलमारी
एक ज्वैलर्स की दुकान पर गार्ड दिलीप पांडेय ने नौकरी के लिए ही डेढ़ दशक पहले रिवॉल्वर ली थी। उन्होंने बताया कि घर पर रिवॉल्वर को अलमारी में छिपाकर रखते थे। बुधवार रात वह पत्नी व बेटी के साथ छत पर सो रहे थे। शिवा नीचे कमरे में अकेले था। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगा। दिलीप को अफसोस था कि उन्होंने अलमारी लॉक क्यों नहीं की? लाइसेंसी असलहे के वारदात में इस्तेमाल होने से पुलिस उन पर एफआईआर दर्ज कर सकती है। लाइसेंस भी निरस्त होगा।
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डांट पड़ने से खुदकुशी करने की चर्चा
दिलीप की बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। शिवा उनका इकलौता बेटा था। उसकी मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। चर्चा थी कि पिता ने शिवा को डांटा था, इसलिए उससे क्षुब्ध होकर ऐसा कदम उठा लिया। हालांकि, परिजनों ने इसकी पुष्टि नहीं की। शिवा ने इसी साल इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। बीबीए के लिए नेशनल पीजी कॉलेज में उसका चयन हो गया था।