खाकी को शर्मसार करते हुए टांडा कोतवाली के एक दरोगा ने जांच के नाम पर छेड़छाड़ की पीड़ित महिला के साथ दुष्कर्म किया। सोमवार को महिला ने मामले की शिकायत प्रभारी एसपी पंकज पाण्डेय से की।
एसपी ने मामले की जांच सीओ स्तर के दो अधिकारियों को सौंपी है। टांडा कोतवाली क्षेत्र के गांव की एक महिला का बीते दिनों गांव के ही हनुमान व पुन्नन से विवाद हुआ था।
महिला की तहरीर पर पुलिस ने मारपीट, छेड़छाड़ व धमकी देने की एनसीआर दर्ज की थी। महिला के मुताबिक मामले की विवेचना टांडा कोतवाली के दरोगा अशफाक कर रहे थे।
वे कई बार छानबीन के लिए उसके घर आते जाते रहे, लेकिन विपक्षियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। वह उनसे लगातार न्याय के लिए कहती रही। महिला के मुताबिक इस बीच दरोगा अशफाक 7 सितंबर की देर सायं आठ बजे करीब उसके घर पहुंचे और कहा कि तुमसे जांच के सिलसिले में कुछ बात करनी है।
बच्चों के साथ बात करने पर इनकार
इस पर महिला ने घर पर ही बात करने को कहा, तो दरोगा ने कहा कि यहां बच्चों के सामने बात नहीं हो सकती।
वह महिला को जिद कर के घर के बगल स्थित एक बाग में ले गया और उसके मुंह में रूमाल ठूंसकर दुराचार किया। घटना के बाद महिला अपने पति के साथ सोमवार सुबह रिपोर्ट लिखाने थाने गई, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसके बाद वह पति के साथ दोपहर में जिला मुख्यालय पहुंची और शिवसेना जिलाध्यक्ष नंदकुमार तिवारी राना को लेकर प्रभारी एसपी पंकज पाण्डेय से मुलाकात की।
वहां उसने उन्हें पूरी घटना बताई। प्रभारी एसपी ने मामले की जांच सीओ टांडा व एक अन्य सीओ को सौंप दी है। देर शाम सीओ टांडा सत्यम व महिला सीओ इंदु सिद्धार्थ कई महिला पुलिसकर्मियों के साथ गांव पहुंचे और पीड़ित महिला को लेकर उस बाग में छानबीन की जहां की घटना बताई जा रही है।
ये कहते हैं टांडा के कोतवाल
मामले पर टांडा के कोतवाल एनके पाण्डेय का कहना है कि महिला थाने तक नहीं आई थी। जिस समय की वह घटना बताती है, उस समय दरोगा सीओ टांडा के अर्दली रूम में थे। घटना को महिला ने मनगढ़ंत रूप दिया है।