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Lucknow News: 36 बच्चों के स्कूल में 51 छात्रों के स्कूल का किया विलय

Sun, 13 Jul 2025 01:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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लखनऊ। स्कूल विलय नीति में बेसिक शिक्षा विभाग की गजब मनमानी चल रही है, जिसका खामियाजा स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को अपनी पढ़ाई छोड़कर चुकाना पड़ रहा है। मलिहाबाद इलाके के दतली प्राथमिक विद्यालय को विभाग के अधिकारियों ने कम छात्र संख्या वाले स्कूल का हवाला देकर इसे 36 बच्चों के प्राथमिक विद्यालय भुलसी में विलय कर दिया है। इसके चलते गांव के 46 बच्चों ने अपनी पढ़ाई बंद कर दी है। अब वह दो किलोमीटर दूर कम संख्या वाले विद्यालय में पढ़ने के लिए जाना नहीं चाहते हैं।
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विलय हुए ग्राम दतली गांव के प्राथमिक स्कूल की एक मात्र बच्ची कक्षा एक की छात्रा आध्या सिंह शनिवार को दो किलोमीटर दूर भुलसी प्राथमिक स्कूल पहुंची। जबकि विलय किए गए गांव व उनके मजरे मतईखेड़ा व गोडवा गांव के लगभग 50 बच्चे अनुपस्थित रहे। अध्यापकों का कहना है कि औसतन चार या पांच बच्चे ही प्रतिदिन दतली गांव भुलसी पढ़ने के लिए आते हैं।


भुलसी प्राथमिक विद्यालय की हेड श्वेता मिश्रा व दतली की सहायक अध्यापक फरहत कमाल ने बताया कि शिक्षक अभिभावकों के घर जाकर व फोन के माध्यम से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक कर रहे हैं। लेकिन अभिभावक दूरी के कारण बच्चों को भेजने से कतरा रहे हैं। खास कर कक्षा पांच में पढ़ाई करने वाली बच्चियों के अभिभावक पैदल दो किलोमीटर का सफर तय करके स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं है। इस रास्ते में बाग और सुनसान रास्ता पड़ता है।
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लाखों की लागत से हुआ कायाकल्प
प्राथमिक विद्यालय दतली का भवन बाहर से देखने में खूबसूरत और अच्छा नजर आता है। यहां के ग्रामीणों के मुताबिक कुछ महीने पहले ही स्कूल में निमार्ण का कार्य कराया गया था। जिसमें फर्श, शौचालय आदि बनाने का काम किया गया था। यह कार्य कायाकल्प योजना के तहत हुआ था। दतली गांव के अभिभावक रामशंकर, पुष्पा व अन्य ने बताया कि वे सरकार से मांग करते हैं कि उनके गांव से स्कूल दूसरे गांव में विलय न किया जाए।





दतली प्राथमिक विद्यालय का विलय पोर्टल पर प्राप्त छात्र संख्या के आधार पर हुआ है। वर्तमान में जो 50 बच्चों से अधिक संख्या का दावा है वह शिक्षक सत्यापित है, जो पुष्ट नहीं है। हम अभिवावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, यह बच्चों के हित में है।
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-पदम शेखर मौर्य, बीईओ मलिहाबाद
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