लखनऊ। मोहनलालगंज में धर्मांतरण गिरोह के पकड़े जाने के बाद नगराम इलाके में भी गिरोह के सक्रिय होने की बात सामने आई है। छानबीन में पता चला है कि नगराम चौतरा गांव में भी लोगों का धर्मांतरण कराया जाता था। हालांकि, गिरोह के पकड़े जाने के बाद धर्मांतरण कराने वाला मकान में ताला बंदकर भूमिगत हो गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले तक गांव में ईसाई धर्म के लोग बड़ी संख्या में आते थे। वे ग्रामीणों को इकट्ठा करके प्रार्थना सभा आयोजित करते थे। इसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा होती थी। धर्मांतरण कराने वाले व्यक्ति ने स्थानीय निवासी से जमीन खरीदी थी और आलीशान घर बनाया था। सूत्रों का कहना है कि धर्मांतरण गिरोह को विदेशी फंडिंग होती थी। बताया जा रहा है कि नेपाल के रास्ते कैश भी पहुंचाया जाता था। कुछ दिन पहले पीलीभीत में भी धर्मांतरण गिरोह पकड़ा गया था। छानबीन में पता चला था कि नेपाल सीमा से सटे गांव के लोगों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया था। नेपाल के रास्ते पादरी बुलाए जाते थे।
प्रचारकों की गतिविधियां हुईं बंद
इलाके में जो लोग खुलेआम ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार कर लोगों को धर्म बदलने के लिए उकसाते थे वे अब चुप्पी साधे हुए हैं। इन लोगों की गतिविधियां भी बंद हो गई हैं। प्रचार सामग्री भी इधर नहीं बांटी जा रही है। पुलिस की सख्ती के बाद गिरोह के लोग भूमिगत हो गए हैं। पुलिस की टीम सादे कपड़ों में सक्रिय है। ग्रामीणों से पूछताछ भी जारी है। हालांकि गिरोह के भय के कारण कोई कुछ बोल नहीं रहा है।