पीड़िता अधिकारियों के पास न्याय पाने के लिए भटकती रही। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे क्षुब्ध पीड़िता ने सोमवार को घर में छत में लगे हुक के सहारे फंदे से लटककर जान दे दी। महिला के पति ने बताया कि कहीं से न्याय न मिलने से क्षुब्ध होकर उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली।
इसकी जानकारी मिलते ही एसपी आरपी सिंह ने विवेचक इंस्पेक्टर अजीत प्रताप सिंह व परमानंद तिवारी को सस्पेंड कर दिया है। वहीं एसपी ने कोतवाल वेद प्रकाश श्रीवास्तव को लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया है।
विधानसभा पर दिया धरना, सीएम आवास पर आत्मदाह की कोशिश
न्याय न मिलने से आहत सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने 15 सितम्बर 2018 को लखनऊ में विधानसभा के सामने धरना दिया था। मगर पुलिस कर्मियों ने उसे वहां से हटा दिया।
इसके बाद वह मुख्यमंत्री आवास के सामने पहुंची और केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मगर यहां भी पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और न्याय दिलाने का आश्वासन देकर गोंडा भेज दिया था।
करनैलगंज में पीड़ित महिला द्वारा आत्महत्या के बाद परिवार के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। जिसके चलते सीओ सदर महावीर सिंह, कोतवाल करनैलगंज वेद प्रकाश श्रीवास्तव, थानाध्यक्ष परसपुर बीएन सिंह, थानाध्यक्ष कटरा बाजार दद्दन सिंह, थानाध्यक्ष कौड़िया, उमरी बेगमगंज शैलेश सिंह समेत कई थानों की पुलिस मौके पर बुलानी पड़ी।
परिवार के लोगों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक महिला का शव देने से इनकार कर दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।