लखनऊ। हार्ट सर्जरी के दौरान जब दिल की धड़कन रोक दी जाती है तब भी मरीज जिंदा रहता है। यह काम परफ्यूजनिस्ट करता है। पीजीआई के सीवीटीएस विभाग के प्रोफेसर डॉ. शांतनु पांडे ने रविवार को क्लीनिकल कार्डियक परफ्यूजनिस्ट संघ, यूपी चैप्टर के पहले वैज्ञानिक सम्मेलन में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान जब दिल और फेफड़े काम नहीं करते, तब हार्ट-लंग मशीन दोनों अंगों का काम करती है। शरीर से निकाले गए खून में मशीन ऑक्सीजन मिलाकर उसे वापस शरीर में पहुंचाती है। इसी प्रक्रिया को परफ्यूजनिस्ट पूरा करते हैं।
डॉ. पांडे ने कहा कि ईकमो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों से जटिल हार्ट सर्जरी को सुरक्षित बनाने में मदद मिल रही है। ईकमो दिल और फेफड़े के गंभीर रूप से फेल होने पर कई दिनों तक उनके काम में मदद कर सकती है।
पीजीआई के परफ्यूजनिस्ट संदीप कुमार ने बताया कि हाई रिस्क मरीजों की सर्जरी में अब ईकमो को स्टैंडबाय रखा जाता है। दिल्ली के विशेषज्ञ बृजेंद्र सिंह बल्ली ने बताया कि बच्चों की जटिल हार्ट सर्जरी के बाद भी ईकमो उपयोगी साबित हो रही है। सम्मेलन का शुभारंभ संघ के अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने किया। एएमयू के साबिर अली, बीएचयू के दिनेश मत्ती, अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के प्रो. आजम हसन के साथ एसवी सिंह, केएन सिंह, मनोज श्रीवास्तव, अनुज शुक्ला और अन्य परफ्यूजनिस्ट और मौजूद रहे।