लखनऊ। पीजीआई के पीडियाट्रिक सर्जिकल सुपर स्पेशियलिटी विभाग के डॉक्टरों ने 15 माह के बच्चे की श्वास नली में फंसी मूंगफली सफलतापूर्वक निकालने में कामयाबी हासिल की है। बच्चे को 20 दिनों से लगातार तेज खांसी, बार-बार बुखार आने और सांस लेने में तकलीफ की समस्या थी।
जौनपुर निवासी दंपती के 15 माह के बच्चे की श्वास नली में मूंगफली फंस गई थी। परिजनों ने पहले नजदीकी डॉक्टरों से इलाज कराया, मगर कोई फायदा न हुआ। परिजन बच्चे को लेकर पीजीआई पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि श्वास नली में मूंगफली फंसी है। डॉक्टरों ने आपातकालीन ब्रोंकोस्कोपी की योजना बनाई गई।
पीडियाट्रिक सर्जरी, पल्मोनरी मेडिसिन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की टीम ने सामान्य एनेस्थीसिया के तहत ब्रोंकोस्कोपी जरिये बाईं मुख्य ब्रोंकस से मूंगफली निकाल दी। इससे बच्चे को अब खांसी और सांस लेने में कठिनाई से राहत मिली है। यह प्रक्रिया पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रो. बसंत कुमार, पल्मोनरी मेडिसिन के प्रो. अजमल खान और एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के प्रो. संजय कुमार की देखरेख में हुई।
बच्चों में बढ़ती घटनाएं और बचाव
प्रो. बसंत कुमार ने बताया कि छोटे बच्चों की श्वास नली में बाहरी वस्तु फंसने की घटनाएं बढ़ रही हैं। अक्सर खेलते या खाते समय कोई चीज सांस के साथ अंदर चली जाती है। मूंगफली, बीज, खिलौनों के छोटे हिस्से और सिक्के जैसी छोटी वस्तुओं से बच्चों से दूर रखना चाहिए। यदि समय पर निदान न हो, तो बार-बार निमोनिया और सांस लेने में कठिनाई जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सीय सहायता लेना आवश्यक है।