राजधानी में डॉक्टरों की संवेदनहीनता थमने का नाम नहीं ले रही। ताजा माला किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी का है। यहां पल्मोनरी मेडिसिन वार्ड में भर्ती टीबी के मरीज सीतापुर के शाबान (30) के सामने ही शनिवार को राउंड पर आए डॉक्टर ने कहा-अब इसके बचने की उम्मीद नहीं है।
घर वालों का कहना है कि डॉक्टर के जाते ही शाबान ने ब्लेड से अपने सीने और पेट हमला कर लिया। इससे उसकी आंतें तक बाहर आ गईं। खून से बेड सन गया। हालांकि उसे फौरन ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शॉर्प ब्लेड से हमले की बात पुष्ट हुई है। मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्राव सामने आया है।
सीतापुर के तेउला ताल गांव के रहने वाले किसान मुन्ना के मुताबिक उनका बेटा शाबान 15 साल की उम्र से टीबी से पीड़ित था। कई साल से उसका इलाज चल रहा था लेकिन सेहत में कोई सुधार नहीं दिखा था। डेढ़ माह पहले वह केजीएमयू में ही कई दिनों तक भर्ती रहा था। स्थिति कुछ सुधरते ही डॉक्टरों ने छुट्टी दे दी थी।
दो दिन पहले फिर उसकी तबीयत बिगड़ी। फिर उसे पल्मोनरी मेडिसिन वार्ड में भर्ती करा दिया गया। शनिवार सुबह राउंड पर आए डॉक्टर ने शाबान का चेकअप किया। इसके बाद बेड के पास खड़े होकर ही उनसे उम्मीद छोड़ देने की बात कही। यह बात शाबान ने भी सुन ली थी।