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भाई करता रहा राखी का इंतजार, मॉर्च्युरी पहुंची बहन की लाश

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रक्षाबंधन के दिन लखनऊ से सटे काकोरी में हुए सड़क दुर्घटना में अब बेहद दर्दनाक किस्से सामने आ रहे हैं। इस हादसे में 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई थी जबकि 25 गंभीर रुप से घायल हुए थे।
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रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए माल के उमरावल गांव के राम खेलावन की पत्नी निर्मला देवी अकेले ही बस पर सवार हुई थीं। पति व बच्चे समझते रहे कि निर्मला भाई के घर है। भाई बहन का इंतजार करता रहा।

इस बीच रास्ते में ही निर्मला की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। निर्मला की मौत होने के बाद उसका शव पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गया। इधर, भाई शिवनारायण बहन का इंतजार ही करता रह गया। देर शाम तक निर्मला घर नहीं पहुंची तो परिवारवालों ने तलाश शुरू की।
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मड़ियांव के फैजुल्लागंज निवासी भाई शिवनारायण ने बताया कि उसे राखी बांधने निर्मला देवी (45) अकेले ही उसके घर आ रही थी। उसे लगा कि निर्मला को घर से निकलने में कुछ देर हो गई होगी। शाम तक वह घर नहीं पहुंची तो उन्होंने निर्मला के पति राम खेलावन से संपर्क किया।

उन्होंने बताया कि निर्मला को निकले काफी देर हो चुकी है। इसके बाद उन लोगों ने भी निर्मला की तलाश शुरू की। रात तीन बजे उन्हें यह जानकारी हो सकी कि निर्मला की भी दुर्घटना में मौत हो गई है। इसके बाद उसने पोस्टमॉर्टम हाउस में शिनाख्त की।

रोती रही बच्ची, मां बेहोश, नानी की मौत

एक और मामले में पूर्वा मलिहाबाद निवासी गंगा देवी रावत (65) की मौत के बाद भी शव पोस्टमॉर्टम हाउस भेज दिया गया। इधर उसकी बेटी सुदामा भी दुर्घटना के बाद बेहोश हो गई। बस में इन दोनों के साथ आठ वर्षीय सोनी भी थी, जो जख्मी हो गई थी।

सुदामा को देर रात होश आया तो उसने बेटी सोनी को सीने से चिपका लिया। रोते हुए बुजुर्ग मां की तलाश शुरू की। मॉर्च्युरी में परिवारवालों ने गंगा देवी की पहचान की।

परिवारवालों ने बताया कि गंगा देवी बड़ी बेटी प्रेमा के घर जा रही थी। तीनों मलिहाबाद से चले तो जरूर लेकिन घर नहीं पहुंचे। इसके बाद प्रेमा का पति इंद्रजीत ने उनकी तलाश शुरू की। देर रात उन्हें हादसे की खबर मिली।

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मृतकों के परिवारीजनों को मिलेगा मुआवजा

काकोरी में शनिवार को बस और ट्रक की टक्कर में मारे गए लोगों के परिवारीजन अगर आवेदन करें तो उन्हें परिवहन विभाग के रिलीफ फंड से 40 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

संभागीय परिवहन अधिकारी सगीर अहमद ने बताया कि निजी बस में हादसे में जान चली जाए तो आर्थिक सहायता के लिए डीएम जिलाधिकारी के समक्ष आवेदन करना पड़ता है।

काकोरी के रहमानखेड़ा में बस और ट्रक की भिड़ंत में घायलों का केजीएमयू कुलपति ने ट्रॉमा में मुफ्त इलाज का आदेश दिया था लेकिन कर्मचारियों ने घायलों की जांच फीस वसूल ली। तीमारदारों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एक्स-रे के लिए 1200 से 1500 रुपये लिए गए। वहीं केजीएमयू के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश का कहना है कि मरीजों से जांच फीस वसूली गई है तो इसकी जांच कराई जाएगी और उसे वापस कराया जाएगा।
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