उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट के विकास खंड बनीकोडर के अशरफपुर गांव निवासी एक मुस्लिम परिवार ने रविवार को बाबा रामसनेहीदास मंदिर पर आकर प्रसाद चढ़ाया और अपने को हिंदू घोषित कर दिया।
अपनी पत्नी व बेटे के साथ मंदिर पर दर्शन करने आए परिवार के मुखिया वारिस ने खुद को निर्भयदास घोषित करते हुए पत्नी और बेटे का भी नाम बदल दिया है।
इसके बाद कोटवाधाम जाकर वहां बाबा जगजीवनदास की समाधि पर मत्था टेकने के बाद वहां का धागा भी पहन लिया।
रामसनेहीदास मंदिर में दर्शन के बाद रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए वारिस ने कहा कि मां जगदंबे में उसकी पहले से आस्था रही है। कहा कि उसको यह प्रेरणा फकीरी का जीवनयापन करने वाले उसके पिता से मिली थी, जिनकी समाधि घर के दरवाजे पर ही बनी है।
वारिस कहते हैं कि वर्ष 2011 में दिलावलपुर व अशरफपुर के बीच एक दुर्गा मंदिर का निर्माण उसने कराया था।