सास-बहू में तकरार तो आम है, मगर बहराइच के नानपारा की आशा पोद्दार ने बहू को किडनी दानकर मिसाल पेश की है। आशा की बहू पूनम पोद्दार (40) की एक किडनी पूरी तरह खराब हो गई थी। दो दिन पहले दिल्ली में किडनी ट्रांसप्लांट का सफल ऑपरेशन हआ।
नानपारा के व्यवसायी प्रमोद पोद्दार की पत्नी पूनम को साल भर पहले पेट में दर्द उठा। बहराइच से लखनऊ तक इलाज हुआ, पर फायदा नहीं हुआ। तब परिवार वाले पूनम को लेकर दिल्ली के मैक्स अस्पताल पहुंचे। पता चला कि एक किडनी खराब हो चुकी है। दूसरी कमजोर है। डॉक्टरों ने जल्द किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी।
परिवार वाले घबरा गए। इसी बीच, 60 वर्षीय आशा ने कहा कि बहू को किडनी वह देंगी। पहले तो परिवार और खुद पूनम ने मना कर दिया, मगर आशा की जिद के आगे सभी को झुकना पड़ा।
'बेटी जैसी है बहू, कैसे न देती किडनी'
- फोटो : amar ujala
बहू पूनम को किडनी देने वाली 60 वर्षीय आशा पोद्दार का कहना है कि मेरी बहू बेटी से कम नहीं है। उसकी जान पर बन आई थी। उसे किडनी कैसे नहीं देती। दिल्ली के मैक्स हास्पिटल में भर्ती सास आशा देवी से डॉक्टरों ने बातचीत करने पर मना किया है।
वहां मौजूद आशा के बेटे और पूनम के पति प्रमोद पोद्दार ने फोन पर बताया कि उनकी मां ने कहा था कि अगर जान की जरूरत होगी तो वह भी दे देंगी।
नानपारा के स्टेशनरोड जुबलीगंज निवासी व्यवसायी ओमप्रकाश पोद्दार तीन भाई हैं। प्रमोद की पत्नी पूनम को साल भर पूर्व पेट में दर्द व अन्य शिकायतें हुईं। बहराइच में डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन लाभ नहीं हुआ। इस पर प्रमोद ने पत्नी पूनम को लखनऊ में निजी चिकित्सकों को दिखाया।
वहां पर परीक्षण के दौरान दोनों किडनी में इंफेक्शन का पता चला। इस पर 9 जनवरी 2015 को प्रमोदी ने पत्नी को दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में डॉक्टरों को दिखाया। वहां परीक्षण के दौरान एक किडनी फेल होने व दूसरे में गंभीर इंफेक्शन की बात सामने आई। डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की बात कही।
सास आशा जिद पर अड़ी रही...
किडनी लेने वाली बहू पूनम
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इस चिंता के बीच सास आशा देवी पोद्दार ने बहू को किडनी देने का फैसला लिया। पहले तो परिवारीजनों ने इंकार किया, बहू पूनम ने भी सास से किडनी न देने की बात कही। लेकिन सास आशा देवी जिद पर अड़ी रही।
इस पर प्रमोद अपनी मां को लेकर दिल्ली गए। वहां पर परीक्षण करवाया। डॉक्टरों ने बयान दर्ज किया। मैक्स हॉस्पिटल से आशा देवी द्वारा किडनी देने की सूचना नानपारा एसडीएम को भेजी गई। तत्कालीन एसडीएम अमिताभ यादव ने परिवार के लोगों का बयान दर्ज कर मैक्स हॉस्पिटल भेजा।
यह भी कहा कि आशा देवी स्वेच्छा से किडनी दान कर रही हैं। उसी के तहत दो दिन पूर्व सास आशा की किडनी निकालकर बहू पूनम के शरीर में ट्रांसप्लांट की गई। आशादेवी वार्ड में हैं और पूनम को अभी आईसीयू में रखा गया है।
एक बेटी अमेरिका व दूसरी दिल्ली में है रहती
बहू पूनम
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आशा देवी की दो बेटियां भी हैं। बड़ी बेटी निधी का विवाह दिल्ली से हुआ है। वहीं छोटी बेटी रूपानी पोद्दार पति के साथ अमेरिका में रहती है। प्रमोद ने बताया कि बहन रूपानी भी मां द्वारा किडनी दान करने की बात सुनकर अमेरिका से भारत आ रही है।
फूलों से करेंगे स्वागत...
घर में पूनम पोद्दार के अलावा मंझले पुत्र मनीष पोद्दार और छोटे पुत्र आनंद पोद्दार की पत्नियां भी हैं। छोटू बहू आशा का कहना है कि सास ने कभी भी बहू होने का एहसास नहीं होने दिया। दोनों बहुओं ने कहा कि सास के नानपारा लौटने पर सास का भव्य स्वागत करेंगे।