जिस मां ने इकलौते बेटे को पाल पोसकर बड़ा किया उसी बेटे ने बुढ़ापे में मां को दर-दर की ठोकरें खाने के लिए घर से निकाल दिया है। न्याय की आस में जब 75 वर्षीय गुलाबदेई डीएम के सामने पहुंचीं तो उनकी आपबीती सुनकर सभी का कलेजा पसीज गया।
प्रशासनिक काम काज की व्यस्तता के कारण दस दिन बाद बृहस्पतिवार को जब डीएम कलेक्ट्रेट कक्ष में पहुंचे तो मैली कुचली साड़ी पहने लाठी टेकती 75 साल की गुलाबदेई पहुंची। डीएम ने परेशानी पूछी तो अम्मा फूट फूट कर रोने लगीं।
उन्होंने बताया कि जिस एकलौते लड़के को बुढ़ापे की लाठी बनना था उसी ने धोखे से सादे कागज पर दस्तखत कराकर पति का मकान हथिया लिया। अब उसे दर-दर की ठोकरें खाने के लिए घर से बाहर निकाल दिया है।
इस पर डीएम ने जिलाधिकारी राजशेखर, ओएसडी ऑन डे व एडीएम टीजी अशोक कुमार के सामने वृद्धा रोने लगी। इस पर डीएम ने एसओ अलीगंज को फोन कर गुलाबदेई से मुलाकात कर 24 घंटे में न्याय दिलाने के निर्देश दिए।