फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संवेदनहीनताः रिश्तों के विश्वास का कर दिया कत्ल, बीच रास्ते पर बहन को अकेला छोड़ा

Wed, 22 Apr 2020 04:31 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
पीड़ित नाज परवीन। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
मोहनलालगंज में कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन में जहां सब एक-दूसरे की मदद करने में लगे हैं वहीं एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने भाई-बहन के रिश्तों के विश्वास का कत्ल कर दिया है।
विज्ञापन


बिहार निवासी जमशेद अपनी बहन नाजो परवीन को सोमवार देर रात बीच रास्ते छोड़कर पत्नी संग बाइक से दरभंगा निकल गया। मंगलवार सुबह बदहवास हालत में युवती को देख लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

पुलिस ने खाना खिलाने के बाद सीएचसी में युवती का परीक्षण कराया। इसके बाद जीवन आश्रय ग्रह भिजवाकर उसके पिता को सूचना दी। इंस्पेक्टर गऊदीन शुक्ला के मुताबिक, मूलरूप से बिहार के दरभंगा का जमशेद छोटी बहन नाजो परवीन को कुछ माह पहले काम दिलाने की बात कहकर लखनऊ लाया था।
विज्ञापन


कोई अच्छा काम न मिलने पर उसने नाजो को घरों में झाड़ू-पोछा करने के काम में लगवा दिया। सोमवार रात जमशेद पत्नी शबनम व बहन नाजो परवीन को दरभंगा चलने की बात कहकर बाइक लेकर निकला।
 
विज्ञापन

महिला को लाया गया सीएचसी

मोहनलालगंज के हरकंसगढ़ी के पास जमशेद ने पेट्रोल डलवाने की बात कहकर नाजो से एक हजार रुपये लिए और थोड़ी देर में लौटने की बात कही। पत्नी को लेकर गया जमशेद जब काफी देर तक नहीं लौटा तो नाजो उसे तलाशते हुए पेट्रोल पंप तक गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। 

सुबह युवती को रोते देखकर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर सब इंस्पेक्टर शशि बाला सिंह व पुलिसकर्मी भेजे गए। महिला को खाना खिलाने के बाद सीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका परीक्षण किया।

इसके बाद महिला के पिता को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी गई, लेकिन लॉकडाउन के कारण युवती के परिवार ने आने में असमर्थता जताई। इसके बाद महिला को साउथ सिटी पीजीआई में स्थित जीवन आश्रय गृह पहुंचा दिया गया है।

बकौल पुलिस, युवती अपनी चार वर्ष की बेटी नाज को अपने पिता मौजे अंसारी व मां के पास छोड़कर भाई के साथ रोजीरोटी के लिए यहां आई थी।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें