तीन महीने पहले उसे कनाडा जाना था। वीजा व अन्य औपचारिकताएं कई महीने पहले ही पूरी हो गई थीं, लेकिन इसी दौरान लॉकडाउन लग गया और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रतिबंधित हो गईं। राहुल अपने पैतृक आवास चला गया था। तीन महीने पहले ही वह लौटा था। शुक्रवार दोपहर उसने तेज आवाज में म्यूजिक बजाना शुरू कर दिया।
करीब ढाई बजे वह कमरे से नीचे आया और बाहर की दुकान से एनर्जी ड्रिंक के चार केन व सिगरेट के पैकेट खरीदे और कमरे में लौट गया। शाम करीब छह बजे तक तेज आवाज में म्यूजिक बजता रहा तो आसपास के लोगों को कुछ गड़बड़ लगी। वह राहुल के कमरे में पहुंचे तो दरवाजा भीतर से बंद मिला।
खिड़की तोड़कर कुछ युवकों ने भीतर झांका तो राहुल जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था। पास ही एक तमंचा पड़ा था। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे की छानबीन की, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। इंस्पेक्टर ने बताया कि राहुल ने .312 बोर के तमंचे से कनपटी के दायीं तरफ गोली मारी है। राहुल ने खुदकुशी क्यों की? उसके पास तमंचा कहां से आया? इस बारे में जांच की जा रही है। राहुल के कमरे से काफी मात्रा में सिगरेट के बड्स और दवाएं मिली हैं।
राहुल अपने पिता अरुण का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर पूरे परिवार पर बिजली बनकर गिरी। देर शाम बेटे की मौत का पता चलते ही परिजन लखनऊ के लिए निकल गए थे। राहुल के मामा विवेक सिंह ने लॉज में पहुंचकर पुलिस से पूरे प्रकरण के बारे में जानकारी ली।