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टंकी पर चढ़ा युवक, पथराव, सिपाही सहित सात घायल

Mon, 16 Nov 2015 09:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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राजधानी लखनऊ के चारबाग बस अड्डा परिसर पर स्थित पानी की टंकी पर चढ़े विक्षिप्त ने रविवार आधी रात से सुबह तक पुलिस और रोडवेज अफसरों के पसीने छुड़ा दिए।
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पुलिसकर्मी टंकी पर चढ़ने लगे तो विक्षिप्त ने मुक्के मारकर टंकी की रेलिंग तोड़ दी और नीचे खड़े लोगों पर पत्थर बरसाने लगा। एक सिपाही सहित सात यात्रियों को चोटें आई हैं।

करीब चार घंटे हंगामे के बाद ब्रेड खिलाने के बहाने टंकी पर चढ़े सिपाही ने विक्षिप्त को नीचे उतारा। इस दौरान सुबह बस संचालन करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहा।
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इंस्पेक्टर नाका राम प्रदीप यादव का कहना है कि विक्षिप्त की पहचान नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि रात करीब ढाई बजे बस अड्डे पर विक्षिप्त को लोगों ने देखा था। विक्षिप्त टंकी की सीढ़ियां चढ़ने लगा तो यात्रियों ने उसे रोका, लेकिन वह टंकी पर चढ़ गया।

यात्रियों की सूचना पर नत्था तिराहा चौकी इंचार्ज आदेश कुमार, मोबाइल पर तैनात सिपाही राजकुमार, दयानंद तिवारी, पृथ्वीराज बस अड्डा पहुंचे। काफी प्रयास के बावजूद वह नहीं उतरा तो पुलिसकर्मी ऊपर चढ़ने लगा।
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टंकी की रेलिंग से लटक गया विक्षिप्त

इस पर विक्षिप्त टंकी की रेलिंग से लटक गया और छलांग लगाने की चेतावनी दी। चौकी इंचार्ज से सूचना पाकर थाना की फोर्स मौके पर आ गई। पुलिसकर्मियों को देखकर विक्षिप्त ने मुक्के मारकर रेलिंग तोड़ दी और ईंट-पत्थर व मलबा फेंकने लगा।

इंस्पेक्टर की जीप के चालक सिपाही सरजू प्रसाद तिवारी पत्थर लगने से चोटिल हो गए। छह-सात यात्रियों को भी चोटें आईं। जानकारी पर रोडवेज के अफसर भी आ गए। सरजू प्रसाद ने विक्षिप्त को ब्रेड खिलाने का लालच दिया तो उन्हें ऊपर आने दिया।

टंकी पर पहुंचते ही सरजू प्रसाद ने विक्षिप्त को दबोच लिया। चार घंटे हंगामे के बाद सुबह करीब सात बजे उसे नीचे ले आया गया। इसके बाद विक्षिप्त को नाका थाना लाया गया, जहां उसने पूछताछ के दौरान कोई जानकारी नहीं दी। उसे चाय-नाश्ता कराकर छोड़ दिया गया।

विक्षिप्तों और स्मैकियों का अड्डा है चारबाग
इंस्पेक्टर नाका ने बताया कि चारबाग विक्षिप्त और स्मैकियों का अड्डा है। यहां दिन-रात ऐसे लोग हंगामा किया करते हैं। ऐसा ही कोई विक्षिप्त रविवार आधी रात के बाद टंकी पर चढ़ गया और हंगामा खड़ा कर दिया। इनकी पहचान नहीं हो पाती है।
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