किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की छात्रा ने अपने हाथ की नस काट ली। यह छात्रा क्लास में नहीं आ रही थी और इसके साथी उसकी हाजिरी (प्रॉक्सी) लगा रहे थे। इसका खुलासा होने पर विभागाध्यक्ष और शिक्षकों ने छात्रा को डांट लगाई और परीक्षा में शामिल न होने देने की चेतावनी दी। इससे सहमी छात्रा ने नस काट ली। इसके बाद छात्रा को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। जहां इलाज के बाद छात्रा को डिस्चार्ज कर दिया गया।
केजीएमयू में 80 फीसदी उपस्थिति के बाद ही स्टूडेंट्स को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है। पिछले सप्ताह शुक्रवार को जनरल सर्जरी विभाग की क्लास में हाजिरी लगाने के बाद क्लास में मौजूद शिक्षकों को कुछ शक हुआ। उन्होंने मिलान किया तो पता चला कि दो छात्र क्लास में नहीं हैं, लेकिन उनकी हाजिरी लगाई गई है। ऐसे में शिक्षकों ने सभी को चेतावनी देकर छोड़ दिया। अगले दिन शनिवार को क्लास में आए बिना 20 छात्रों की उपस्थिति लगाई गई। ऐसे में मौजूद शिक्षक ने सीनियर को इसकी जानकारी दी गई।
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इसके बाद दोनों शिक्षकों ने डीन से शिकायत करने और कम हाजिरी वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में न बैठने देने की चेतावनी दी। इससे परेशान इस छात्रा ने हॉस्टल में जाकर हाथ की नस काटकर आत्महात्या का प्रयास किया। आनन-फानन छात्रा को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। अच्छी बात यह थी कि छात्रा के हाथ की सिर्फ त्वचा ही कटी थी, नस दुरुस्त थी। इस वजह से खून का रिसाव जरूर हुआ लेकिन छात्रा की जान को खतरा नहीं हुआ।
जांच कराई जाएगी
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने कहा कि केजीएमयू प्रशासन अपने विद्यार्थियों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों को लेकर सतर्क और प्रतिबद्ध है। इस मामले में वास्तविकता क्या है, इसकी जांच कराने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इसी पर रिपोर्ट होगी।