सुल्तानपुर के लंभुआ स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी सोमवार रात अपनी मांग में सिंदूर भरकर फंदे से लटक गई। मरने से पहले उसने अपने हाथ पर अपना और प्रेमी का नाम भी लिखा था। मौत का पता चला तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र निवासी किशोरी (17) एक युवक के साथ 13 मई को कहीं चली गई थी। परिवार के लोगों ने आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कराया था। परिजनों का आरोप है कि युवक उसे लेकर पीलीभीत गया था। पीलीभीत रेलवे स्टेशन पर बहाना करके आरोपी युवक घर लौट आया था। भूखी-प्यासी किशोरी ने अपने पिता को पीलीभीत रेलवे स्टेशन पर मौजूद होने व आरोपी युवक के भाग जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद उसके माता-पिता के साथ स्थानीय पुलिस पीलीभीत पहुंची। रेलवे स्टेशन पर मौजूद किशोरी को लेकर सभी वापस आ गए।
इस मामले में सोमवार को किशोरी का 164 के तहत बयान दर्ज होना था लेकिन किसी वजह से बयान नहीं हो पाया। उसके परिजनों के मुताबिक सोमवार रात पूरा परिवार घर की छत पर सो रहा था। रात में किशोरी ठंड लगने का बहाना करके कमरे में चली गई।
कुछ देर बाद उसका भाई मोबाइल चार्ज करने गया तो बहन का शव फंदे से लटकता देखा। यह देख उसने शोर मचाया तो घर वालों को घटना की जानकारी हुई। किशोरी के हाथ-पैर पर जेल भेजे गए युवक का नाम भी लिखा मिला है। प्रभारी निरीक्षक अखंडदेव मिश्र ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
दो साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
आरोपी युवक के खिलाफ पुलिस ने पास्को अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। दो दिन पहले उसे जेल भेजे जाने के बाद से किशोरी अवसाद में थी। किशोरी और उसके प्रेमी का करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के घर भी अगल-बगल में थे। दोनों एक ही जाति के बताए जा रहे हैं।