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वैन ने स्कूल जा रहे बच्चों को कुचला, एक की मौत

Fri, 25 Sep 2015 02:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मोहनलालगंज के शंकरखेड़ा गांव के पास बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे एक वैन चालक स्कूल जा रहे मासूम भाई-बहन को टक्कर मारने के बाद कुचलते हुए भाग निकला। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि भाई बुरी तरह से घायल हो गया।
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ग्रामीणों ने वैन की घेराबंदी कर करीब आठ किलोमीटर आगे रुकवा लिया और चालक को पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सिसेंडी-मौरावां रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे मान-मनौव्वल और मुआवजे के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।

शंकरखेड़ा गांव निवासी मजदूर अरविंद यादव की बेटी दीपाली (6) बड़े भाई दीपांशु (8) संग पैदल ही रायपुर प्राथमिक स्कूल जा रही थी। सिसेंड-मौरावां रोड पर सामने से बेलगाम वैन ने दोनों को टक्कर मार दी। इससे दीपाली उछलकर दूर जा गिरी और वैन चालक उसे कुलचते हुए भाग निकला। जबकि दीपांशु सड़क किनारे गिरकर चोटिल हो गया।
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ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। उधर, वैन रुकवाने के लिए ग्रामीणों ने आगे के गांव के लोगों को फोन पर सूचना दे दी। करीब आठ किलोमीटर दूर बिलौरा गांव के पास वैन पकड़ ली गई।
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इस तरह मामले को प्रशासन ने संभाला

इस बीच आक्रोशित ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पाकर एसडीएम अनिल सिंह और मोहनलालगंज इंस्पेक्टर एसएन राय फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोपी वैन चालक की गिरफ्तारी और पांच लाख रुपये मुआवजा की मांग की। पुलिस ने बताया कि वैन चालक को पकड़कर थाना ले जाया गया है।

मुआवजे पर डीएम की ओर से आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब दो घंटे बाद शव हटाया। इंस्पेक्टर ने बताया कि वैन बंथरा के संजय गुप्ता की है। सुबह वह शिक्षिकाओं को विद्यालय में छोड़ने का काम करते हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।

नंगे पैर घटनास्थल पहुंची मां, शव देख हुई बेहोश
दीपाली इकलौती बेटी थी। सुबह वह बड़े भाई संग हंसते-मुस्कुराते हुए घर से निकली थी। करीब 200 मीटर आगे ही वैन काल बनकर आ गई। बच्चों को विदा करके मां संतोषा घरेलू कामकाज में जुटी ही थीं कि दीपाली की मौत की मनहूस खबर आ गई। वह चीखते हुए नंगे पैर घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ी।

मौके पर उसे खून से लथपथ देखकर संतोषा बेहोश होकर गिर पड़ी। ग्रामीणों ने बताया कि दीपाली कक्षा एक में पढ़ती थी। जबकि दीपांशु कक्षा दो का छात्र है। अरविंद के एक छोटा बेटा प्रांशु भी है।
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