हादसे में घायल होने के बाद युवक को 20 दिसंबर को केजीएमयू में भर्ती कराया गया। उसी दिन सर्जरी की गई। डॉ. बीके ओझा ने बताया कि जबड़े के फ्रैक्चर को ठीक करने के लिए दंत संकाय के विशेषज्ञों की मदद ली गई। युवक को होश आया तो उससे नाम व घर का पता पूछा गया। वह नहीं बता सका। बाद में पता चला के युवक मानसिक रूप से कमजोर है।
...और स्टाफ आसपास के जिले में ढूढ़ता रहा घर
केजीएमयू के स्टाफ युवक से उसके घर का पता लगाने के लिए उसे पूछते रहे। सबसे पहले उसने अपना घर सीतापुर बताया, स्टाफ सीतापुर गया लेकिन पता गलत निकला। फिर युवक ने बताया कि उसका घर नदी के किनारे है। ऐसे में स्टाफ उन्नाव और आसपास के जिलों में भी गए, लेकिन परिवार व घर का पता नहीं चला। युवक को जब पिता मिल गया तो केजीएमयू का स्टाफ भी बेहद खुश नजर आ रहा था।
- 19 दिसंबर को पिछले साल उन्नाव जिले के केदारखेड़ा गांव से हुआ था लापता
- 20 दिसंबर को मोहनलालगंज में हादसे में हुआ जख्मी, केजीएमयू लाया गया
- 08 मई को पड़ोसी ने पिता को बेटे के केजीएमयू में भर्ती होने की दी जानकारी
- 09 मई की सुबह पिता बेटे को लेने केजीएमयू आया, अपने साथ घर ले गया।