शुगर मिल द्वारा गन्ना समिति और गन्ना समिति द्वारा शुगर मिल की कमी बता कर इधर-उधर दौड़ाया जाता रहा। पहले पैसे के भुगतान के लिए उनके पिता त्रिवेणी वर्मा दौड़ भाग करते रहे और 15 वर्ष पूर्व त्रिवेणी वर्मा की मौत हो जाने के बाद वह पैसे के भुगतान के लिए संघर्ष कर रहा है। बताया कि पिछले वर्ष उनकी पत्नी की भी बीमारी के चलते मौत हो चुकी है, फिर भी उसे पैसा नहीं मिला। उसकी शिकायत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
मुख्यमंत्री से लखनऊ दरबार में भी मिल चुका था किसान
गन्ने के पैसे का भुगतान पाने के लिए बुजुर्ग किसान 27 वर्ष में जिले के सभी जिलाधिकारी से मिल चुके हैं। जिला गन्ना अधिकारी, तहसील दिवस सहित जिले के सभी आला अधिकारियों के अलावा 1 मई 2017 से 8 मई 2017 को एक सप्ताह तक अपने कुछ सहयोगियों के साथ तिकोनिया पार्क फैजाबाद में धरना भी दिया था। समस्या का निराकरण नहीं होने पर 10 मई को लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी फरियाद की। 10 मई को जनता दरबार में मुख्यमंत्री के नहीं मिलने पर खाद एवं रसद मंत्री अतुल गर्ग ने शिकायत पत्र लेकर बकाया गन्ने के पैसे का भुगतान दिलवाने का आश्वासन दिया था लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार बताया कि इस तरह संपूर्ण समाधान दिवस में अराजकता फैलाना और मारपीट करना गंभीर मामला है। पीड़ित किसान को परेशानी थी तो वह पहले हमसे मिलकर शिकायत करता। दोषी पर कार्रवाई की जाती। कानून हाथ में लेना गलत है। कोतवाल को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।