लखनऊ। चिनहट की आदर्श विहार कॉलोनी में रहने वाले पुलिस मुख्यालय में तैनात शेर अली खान की बेटी ऐमन की सऊदी अरब के जेद्दा में हुई मौत के मामले में दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। शेर अली की तहरीर पर ऐमन के पति मो.आमिर खान, उसके भाई उमैर और दो बहनोई राशिद व मो. रफी के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया है।
इंस्पेक्टर चिनहट डीसी मिश्रा के मुताबिक तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जाएगी। आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। शेर अली ने बताया कि 10 अप्रैल 2025 को उनकी बेटी का निकाह रायबरेली के बासन टोला, कोतवाली शहर निवासी मोहम्मद आमिर खान से हुआ था। आरोप है कि दहेज में उन्होंने 14 तोला सोना और सात लाख रुपये का सामान दिया था। इसके अलावा, आमिर की मांग पर कार भी दी गई थी, जो उनके नाम पर पंजीकृत थी। आमिर इससे नाराज था। शादी के बाद वह पहली बार ससुराल आया तो उसने कार अपने नाम कराने के लिए हंगामा किया। उसने ऐमन का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। 29 अप्रैल 2025 को वह जेद्दा चला गया। जून 2025 में उसने ऐमन को भी वहीं बुला लिया और 20 लाख रुपये की मांग करने लगा। इसके लिए आमिर, उसका भाई उमैर और बहनोई राशिद व मोहम्मद रफी ऐमन को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। शेर अली ने दामाद से बातचीत कर जमीन बेचकर रुपये देने के लिए समय मांगा। अक्तूबर में ऐमन अकेले जेद्दा से घर आई तो उसने पूरी बात बताई। बाद में दोनों परिवारों में समझौता होने पर ऐमन वापस जेद्दा चली गई।
17 दिसंबर को हुई थी आखिरी बार बात
शेर अली की बेटी से आखिरी बार 17 दिसंबर को फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान उन्हें ऐमन की हालत ठीक नहीं लगी। उन्होंने जेद्दा में रहने वाले परिचित फैजान को बेटी का हाल लेने के लिए भेजा। फैजान जब वहां पहुंचे तो ऐमन की मौत हो चुकी थी। आरोप है कि आमिर ने ऐमन का पासपोर्ट जब्त कर लिया था और उसे भूखा रखता था। बेटी की मौत की जानकारी मिलने पर उन्होंने बेटे साहिल को वहां भेजा। करीब 25 दिन की फोरेंसिक प्रक्रिया के बाद ऐमन का शव परिजनों को सौंपा गया। शेर अली ने शव को दोबारा पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदा लगाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, ऐमन के सिर और शरीर के अन्य हिस्सो में भी मौत से पहले के चोट के निशान मिले हैं। ऐमन छह माह के गर्भ से थी। ऐमन सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं, लेकिन निकाह के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी।
आईएम सॉरी पापा, मेरी वजह से आपको बहुत बातें सुननीं पड़ी
शेर अली और ऐमन की आखिरी बातचीत भावुक कर देगी। वाट्स एप पर पिता-पुत्री का चैट पुलिस के लिए सबूत भी है। ऐमन ने पिता को लिखा है कि सब ठीक होगा... लेकिन ससुराल वालों की गालियां कभी नहीं भूलेंगे। नफरत है हमको गाली से। मुझसे बात करके आप परेशान हो जाएंगे। मेरे तो मौत भी नहीं आती पापा, हम तो उसकी भी दुआ करते हैं। ... आई एम सॉरी पापा, आपको मेरी वजह से बहुत बातें सुननीं पड़ी, अब आगे आपको कभी परेशानी नहीं होगी। इसके बाद ऐमन का मेसेज बंद हो जाता है। शेर अली बेटी को मेसेज कर बार-बार घर आने के लिए लिखते हैं। शेर अली ने लिखा था कि टिकट भेज रहा हूं आ जाओ। तुम बहुत बहादुर बेटी हो। मेरे लिए आप कितनी इंपॉर्टेंट हो यह मैं जानता हूं। प्लीज आ जाओ बेटा... मैं टिकट कराता हूं। अल्लाह मेरी बेटी को हिफाजत फरमा, मेरे पास दुआ के अलावा कुछ नहीं... बेटा, एक बार बात कर लो हमें जिंदा रखने के लिए।