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सचिवालय में घुसा कुत्ता, 70 फाइलें नोच डालीं

Mon, 10 Aug 2015 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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जिस सचिवालय में बैठकर राज्य सरकार नीतियां बनाती है, महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं, दस्तावेज रखे जाते हैं, उसी सचिवालय में एक कुत्ता घुस गया। उस कुत्ते ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के दो और कार्मिक विभाग के एक अनुभाग में जमकर तांडव मचाया।
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उसने एक-दो नहीं बल्कि 60 से 70 फाइलें नोंच कर इधर-उधर बिखेर दिए। इन फाइलों में स्कूलों को अनुदान देने से संबधित रिकॉर्ड रखे हुए थे। इसका खुलासा तब हुआ जब माध्यमिक शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी रविवार को काम करने पहुंचे।

उन्होंने बताया कि जब वे पहुंचे तो एक कुत्ता चिल्लाते हुए वहां से भागा। कर्मचारियों ने इसकी सूचना माध्यमिक के विशेष सचिव दीनानाथ गुप्ता दी। वे मौके पर पहुंचे तो सचिवालय प्रशासन को सूचना को इसकी जानकारी दी।
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अब भले ही यह कहा जा रहा हो कि कुत्तों ने इन फाइलों को फाड़ डाला, लेकिन इसके पीछे किसी साजिश से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जिन तीन अनुभागों में कुत्ते ने तांडव मचाया वहां होता क्या था

माध्यमिक शिक्षा विभाग अनुभाग 9 : संस्कृत शिक्षा से जुड़े मामले देखे जाते हैं। शिक्षकों की नियुक्ति से लेकर स्कूलों को अनुदान देने तक का मामला देखा जाता है। विभाग में वर्तमान में निजी क्षेत्र में चलने वाले संस्कृत स्कूलों को अनुदान देने का मामला चल रहा है। गौरतलब है कि कैबिनेट ने हाल ही में 77 संस्कृत स्कूलों को अनुदान पर लेने का निर्णय किया है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग अनुभाग 12 : इस अनुभाग में कोर्ट केस से जुड़े मामले देखे जाते हैं।

कार्मिक विभाग : कार्मिक विभाग में राज्य कर्मियों से जुड़े मामले देखते जाते हैं।

फाइलों का कर रहे मिलान
कुत्ते ने तीनों अनुभाग में जितनी भी फाइलें नोची हैं, उसका मिलान किया जा रहा है। विशेष सचिव ने निर्देश दिया है कि फाइलों की पूरी सूची तैयार की जाए।
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सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था सूबे में सबसे सुरक्षित मानी जाती है। यहां पास देखकर ही प्रवेश दिया जाता है। वहीं, कमरों को खोलने व बंद करने के लिए फर्रास (कमरों में ताला लगाने वाले) रखे गए हैं।

अनुभाग अधिकारियों या कर्मचारियों के जाते समय फर्रास को बुलाकर कमरे बंद करवाये जाते हैं, ताकि सभी फाइलें सुरक्षित रहें। वैसे तो सचिवालय शनिवार व रविवार को बंद रहता है, लेकिन जरूरत के आधार पर अधिकारी और कर्मचारी इसे खुलवाने के साथ बंद कर सकते हैं। यहां की सुरक्षा गार्डों के हवाले रहती है।

अनुभाग अधिकारी से मांगेंगे स्पष्टीकरण
मामले पर सचिवालय प्रशासन के सचिव प्रभास मित्तल का कहना है‘अनुभाग को बंद कराने की जिम्मेदारी अनुभाग अधिकारी और फर्रास की होती है। कार्यालय बंद कराने से पहले अनुभाग अधिकारी को इसका ध्यान रखना चाहिए, लेकिन नहीं रखा गया। कुत्ते ने काफी फाइलें नोच डाली हैं। इसके लिए जिम्मेदार अनुभाग अधिकारी व फर्रास से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।’
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