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एक क्लिक में मिलेगी, जमीन की जानकारी

Tue, 12 Aug 2014 04:07 AM IST
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ
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किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने या आवासीय योजना को तैयार करने में जमीन बड़ी समस्या के रूप में सामने आती है।
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जमीन किसकी है। इसका मालिक कौन है। कहीं यह कृषि योग्य भूमि तो नहीं। अब बस एक क्लिक पर इन सभी सवालों के जवाब मिलेंगे।

किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने या आवासीय योजना को तैयार करने में जमीन बड़ी समस्या के रूप में सामने आती है। ये सारी समस्या अब रिमोट सेंसिंग तकनीक की मदद से एक क्लिक में दूर होगी।

यूपी रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के 25 वैज्ञानिकों की एक टीम सूबे के हर जमीन की जानकारी जियोग्राफिक लोकेशन के साथ ऑनलाइन करेगी।

स्पेस बेस्ड इंफार्मेशन सपोर्ट फॉर डीसेंट्रलाइज प्लानिंग (एसआईएसडीपी) कार्यक्रम में पंचायत स्तर पर जानकारी जुटाकर डाटाबेस तैयार करने का काम संस्थान कर रहा है।
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इस जानकारी में खराब पड़ी जमीन के अलावा कृषि भूमि, जल स्त्रोत, यातायात के माध्यम, जंगल तक को खसरा संख्या के साथ चिह्नित किया जा रहा है।

वर्तमान में कहां क्या मौजूद है इसकी जानकारी भी रिमोट सेंसिंग से जुटाई जा रही है।

एसआईएसडीपी के प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. वी राजामणि ने बताया कि यह काम नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर हैदराबाद की देखरेख में हो रहा है। यूपी का काम हमारी टीम को दिया गया है।

यूपी में 625 ब्लॉक के करीब 8,000 ग्रामपंचायतों का डाटा हम जुटा रहे हैं। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों की कवरेज को भी डाटाबेस में शामिल किया गया है। इससे शहरों के विकास को भी नियोजित किया जा सकेगा।

शहर के विस्तार के समय इसमें गांव ही शामिल होते हैं। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के पितामह डॉ. विक्रम साराभाई की स्मृति में उनका जन्मदिन हर साल राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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उन्हीं की याद में इंडियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग लखनऊ विंग और रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशंस सेंटर, लखनऊ कार्यक्रम का आयोजन करेगा। यह कार्यक्रम गोमतीनगर स्थित इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में रहेगा।
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