फ्रीक्वेंसी डिवाइस अमेरिका से मंगाकर बच्चे के कान के पास दिमाग के पास टैंपोरल एरिया में सर्जरी कर लगाई जाएगी। कान में एक एनालॉग मशीन लगाई जाएगी जिससे यह डिवाइस कनेक्ट रहेगी। बच्चा जैसे ही बोलने या समझने का प्रयास करेगा यह डिवाइस स्वत: एक्टिवेट होगी। बोलने वाली ग्रंथि से इसे सिग्नल मिलेगा जो यह दिमाग तक पहुंचाएगी। यही क्रिया बार-बार होने से बच्चा बोलने व सुनने लगेगा। उसके बाद तीन माह तक बच्चे की स्पीच थिरेपी की जाएगी।
सीएमओ डॉ रमेश चंद्र ने बताया कि योजना के तहत ऐसे बच्चों का चिन्हीकरण कराया गया जिसमें शहर क्षेत्र में एक बच्चा मिला है। जिसकी सर्जरी की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है। कुछ जांच रह गई हैं वह पूरी हो करवाकर 24 सितंबर को सर्जरी कर डिवाइस रख दी जाएगी।