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ये चिप दूर करेगी गूंगे और बहरेपन की समस्या, बाराबंकी के ओम बने पहला केस

Sat, 14 Jul 2018 09:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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माता पिता के साथ ओम
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जन्मजात बहरा व गूंगापन अब नौनिहालों के लिए अभिशाप नहीं रहेगा। सरकारी खर्च पर ऐसे बच्चों की सर्जरी के बाद दिमाग के हिस्से में लगाई गई चिप गूंगा और बहरापन को दूर कर देगी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के मासूम ओम पांडेय की सर्जरी की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है।

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ऑपरेशन में करीब छह लाख रुपये का खर्च सरकार उठाएगी। लखनऊ के पीजीआई में सारी जांच पूरी करने के बाद 24 सितंबर को सर्जरी करने का फैसला किया है। ओम पांडेय के माता पिता से लेकर परिवारीजन बेटे को सामान्य स्थिति में आने की आस को लेकर अभी से ही गदगद  हैं।

ओम का यह केस प्रदेश में पहला बताया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि मानकों पर बाराबंकी का ओम ही चिन्हित किया गया है। उसकी सभी प्रक्रिया पूरी करा ली गई अब सिर्फ सर्जरी होना बाकी है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डीईआईसी मैनेजर डॉ. अवधेश कुमार के मुताबिक आवास विकास मोहल्ले के आंगनबाड़ी केंद्र से यहां के निवासी ओम पांडेय (डेढ वर्ष) पुत्र शिवम पांडेय की स्क्रीनिंग बीते 25 मई को की गई थी।

उसके बाद बच्चे को पीजीआई ले जाकर बेरा टेस्ट व आडियोमैट्री जांच कराई गई जिसमें उसके जन्मजात गूंगे व बहरेपन की पुष्टि हुई। पीजीआई के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. अमित केसरी को केस हैंडओवर किया गया।

उन्होंने इसकी सर्जरी कर फ्रीक्वेंसी डिवाइस लगाने की बात कही थी। नोडल अधिकारी डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बच्चे की सर्जरी का स्टीमेट मांगा था, जिसमें अस्पताल द्वारा 5.75 लाख रुपये का खर्च बताया गया है। आरबीएसके के तहत अस्पताल के खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया गया। ओम को 21 सितंबर को भर्ती किया जाएगा और 24 को डिवाइस लगाई जाएगी।

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ऐसे डिवाइस करेगी काम 

फ्रीक्वेंसी डिवाइस अमेरिका से मंगाकर बच्चे के कान के पास दिमाग के पास टैंपोरल एरिया में सर्जरी कर लगाई जाएगी। कान में एक एनालॉग मशीन लगाई जाएगी जिससे यह डिवाइस कनेक्ट रहेगी। बच्चा जैसे ही बोलने या समझने का प्रयास करेगा यह डिवाइस स्वत: एक्टिवेट होगी। बोलने वाली ग्रंथि से इसे सिग्नल मिलेगा जो यह दिमाग तक पहुंचाएगी। यही क्रिया बार-बार होने से बच्चा बोलने व सुनने लगेगा। उसके बाद तीन माह तक बच्चे की स्पीच थिरेपी की जाएगी। 

सीएमओ डॉ रमेश चंद्र ने बताया कि योजना के तहत ऐसे बच्चों का चिन्हीकरण कराया गया जिसमें शहर क्षेत्र में एक बच्चा मिला है। जिसकी सर्जरी की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है। कुछ जांच रह गई हैं वह पूरी हो करवाकर 24 सितंबर को सर्जरी कर डिवाइस रख दी जाएगी।
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