फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदमाशों से भिड़ गई थी बहादुर संस्कृति, पुलिस को कॉल करने के लिए निकाला था मोबाइल

Fri, 13 Jul 2018 04:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो
विज्ञापन

लखनऊ संस्कृति हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने बताया कि बदमाशों ने छात्रा का बैग लूटना चाहा तो छात्रा ने विरोध किया और भिड़ गई। उसने पुलिस को कॉल करने के लिए मोबाइल फोन निकाला तो बदमाशों ने उसे छीनकर स्विच ऑफ कर दिया। छात्रा के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन टेढ़ी पुलिया पर ही पाई गई थी।

विज्ञापन


छात्रा को खामोश करने के लिए बदमाश ने उस पर तमंचा तानते हुए जान से मारने की धमकी दी। छात्रा को लेकर बदमाश मड़ियांव के घैला पुल पर पहुंचे और उसका बैग लूट लिया। तमंचे की बट से सिर पर वार करके उसे नीचे फेंक दिया गया। छात्रा नीचे गिरी तो उसका सिर किसी पत्थर अथवा सड़क से टकरा गया। वह बेहोश होकर नीचे गड्ढे में लुढ़क गई। सुबह लोगों ने छात्रा को देखकर पुलिस को सूचना दी।

अपर पुलिस अधीक्षक ट्रांस गोमती हरेंद्र कुमार ने बताया कि छात्रा से लूटपाट के बाद राजेश अपने साथियों को लेकर घर पहुंचा, जहां सामान का बंटवारा किया। संस्कृति के बैग में सिर्फ कुछ जोड़ी कपड़े, कॉपी-डायरी, प्रमाणपत्र और महज 2200 रुपये थे। बदमाशों ने रुपये बांट लिए।
विज्ञापन


राकेश उसका बैग व कपड़े फेंकने की बात कहकर साथ ले गया। हड़बड़ी में संस्कृति की कॉपी राजेश के घर पर ही रह गई। पुलिस ने राजेश के घर जाकर छानबीन की तो कॉपी मिल गई। कॉपी के बीच में रखे संस्कृति, उसके माता-पिता व मौसी के फोटो और प्रमाणपत्र भी बरामद हो गए।

पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का इनाम

डेमो
पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय ने बताया कि राजेश सीतापुर का शातिर बदमाश है। उसके खिलाफ सिर्फ रामपुर कलां थाना में ही लूटपाट, हत्या की कोशिश और अवैध असलहा रखने के 11 मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ अन्य थानों में दर्ज मुकदमों का ब्यौरा खंगाला जा रहा है।

उसके साथियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजेश के साथ राकेश के अलावा दो और बदमाश कौन थे और वह कहां रहते हैं? इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। राजेश का कहना है कि वह राकेश के साथी थे। पुलिस राकेश की तलाश कर रही है।

संस्कृति के हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने मुंशीपुलिया रूट पर चलने वाले ऑटो व टेंपो चालकों की सूची बनाई थी। करीब 200 ऑटो व टेंपो चालकों से कई चक्र में पूछताछ की गई। वारदात के बाद से गायब ऑटो व टेंपो चालकों की छानबीन की गई, जिसमें राजेश पर शक की सुई अटक गई। पुलिस राजेश का पता लगाते हुए उसके सीतापुर स्थित घर पहुंची तो संस्कृति की कॉपी, फोटो व प्रमाणपत्र मिल गए। सख्ती से पूछताछ में राजेश ने पूरी वारदात कुबूली।

वहीं अपर पुलिस महानिदेशक ने राजधानी पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहे संस्कृति हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने भी पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने की बात कही। 
विज्ञापन

खंगाले थे 20 हजार मोबाइल नंबर

डेमो
बलिया के भगवानपुर निवासी अधिवक्ता उमेश कुमार राय की बेटी संस्कृति यहां इंदिरानगर के सेक्टर-नौ में किराए के मकान में रहकर पॉलीटेक्निक में पढ़ रही थी। 21 जून की रात उसे बादशाहनगर से ट्रेन पकड़कर बलिया जाना था। वह घर से निकली और रास्ते में ही संदिग्ध हालात में लापता हो गई।

22 जून की सुबह मड़ियांव में मरणासन्न हालत में पड़ी पाई गई थी। उसके माथे व सिर पर गहरी चोटें थीं। उसका बैग व मोबाइल गायब था। पुलिस ने छात्रा को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में पॉलीटेक्निक के छात्रों, इलाके के हिस्ट्रीशीटरों-बदमाशों सहित ऑटो, टेंपो व ओला कैब चालकों से पूछताछ की गई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

संस्कृति के इंदिरानगर स्थित घर से पॉलीटेक्निक चौराहा, मुंशी पुलिया चौराहा और मड़ियांव स्थित घटनास्थल के आसपास सक्रिय 20 हजार मोबाइल नंबर भी खंगाले गए। हत्याकांड से आक्रोशित पॉलीटेक्निक के छात्र-छात्राओं, व्यापारी संगठनों और पूर्वांचल के लोगों ने धरना-प्रदर्शन भी किया था। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसटीएफ को जांच सौंपी थी।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें