उत्तर प्रदेश के बहराइच के भटपुरवा गांव के दरिंदे ननके ने फिरौती के लिए पड़ोस के छह साल के मासूम को अगवा किया। बच्चे के पिता से एक लाख रुपये की फिरौती मांगी। न मिलने पर कुकर्म किया। इसके बाद पहले उसका गला दबाया और फिर ब्लेड से गले पर कई वार कर जान ले ली।
मंगलवार को पुलिस ने खेत से उसका क्षत-विक्षत शव बरामद किया। हत्यारे ननकू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसने गांव के ही मिश्रीलाल से मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकारी है। मिश्रीलाल की किसी बात को लेकर मासूम के पिता से रंजिश चल रही थी। फिलहाल मिश्रीलाल फरार है।
जिस युवक ने बच्चे से कुकर्म कर उसे मार डाला वह बच्चे के बड़े भाई का मित्र भी है। किसे पता था कि छह वर्षीय बच्चा जिस पड़ोसी को भैया-भैया कहकर बुलाता था वह ही उसकी इतनी निर्ममता से हत्या कर देगा। वह अपना गौना कराने के लिए अंबाला से गांव आया था लेकिन पैसों के लालच ने उसे हैवान बना दिया।
गला काटने के बाद शव को पत्तियों से ढक दिया
कोतवाली देहात क्षेत्र के भटपुरवा गांव निवासी ग्रामीण के तीन बेटे हैं। उसका सबसे बड़ा पुत्र अंबाला में नौकरी करता है। जबकि अन्य दो छोटे गांव में ही रहते थे। ननके उर्फ गड्डे भी बड़े बेटे के साथ अंबाला में चावल की फैक्ट्री में नौकरी करते था। ननके का विवाह तीन वर्ष पूर्व हुआ था।
उसका गौना 29 नवंबर को आना था, जिसके चलते 19 नवंबर को ही वह गांव वापस लौटा था। इसी बीच उसने मासूम से कुकर्म के बाद हत्या कर दी। पूरी घटना के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है। मां-बाप पछाड़े खाकर गिर रहे हैं। क्षेत्र में मासूम के साथ हुई वारदात से सनसनी है।
पैसा मिल जाता तो बता देते उठा लो लाश
ननके का कहना है कि उसने जो फिरौती की रकम मांगी थी, अगर वह मिल जाती तो रकम हाथ में आने के बाद परिवारीजनों को लाश का ठिकाना बता देते। ननके ने गला दबाकर हत्या करने के बाद मासूम के गले को ब्लेड से काटकर शव को खेत में ही गन्ने की पत्तियों से छिपा दिया था।
इस तरह किया मोबाइल का इस्तेमाल
वारदात को अंजाम देने के लिए ननके ने शहर के कटी तिराहा स्थित एक मोबाइल शाप से बिना पहचान पत्र के एक्टीवेटेड सिम की खरीददारी की थी। उसी सिम का प्रयोग कर वह फिरौती की रकम मांग रहा था। पुलिस ने सिम विक्रेता की भी तलाश शुरू कर दी है।
पुरस्कृत होगी पुलिस टीम, मिलेगा प्रमाण पत्र
पुलिस अधीक्षक आरएल वर्मा ने बताया कि घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। जबकि बेहतर नेतृत्व के लिए एएसपी डॉ. श्रीपति मिश्र, सीओ सिटी डीपी तिवारी, इंस्पेक्टर डॉ. डीएन सिंह और एसओजी प्रभारी संजय शुक्ल को अनुशंसा प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।