लखनऊ के कृष्णानगर के प्रेमनगर में रविवार शाम लाइसेंसी राइफल से चली गोली से किशोर की मौत हो गई। वह मामा की लाइसेंसी राइफल लेकर ममेरे भाई के साथ खेल रहा था। बताया जाता है कि छीनाझपटी के दौरान गोली चल गई। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। राइफल कब्जे में ले ली गई है।
जालौन के पालकी निवासी सैन्यकर्मी बलवीर का बेटा शिवा (12) कक्षा छह का छात्र था। वह बहनों रितु (22), रेनू (17) और ममेरे भाई दिव्य प्रताप (12) के साथ प्रेमनगर में किराये पर रहता था। रेनू इंटर की छात्रा है, जबकि रितु प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। दिव्य शिवा के साथ ही कक्षा छह में पढ़ता है। चार जुलाई को दिव्य के पिता संजय सभी बच्चों को गांव से वापस प्रेमनगर लाए थे।
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शिवा ने लोड की थी राइफल
कृष्णानगर पुलिस का कहना है कि दिव्य से बातचीत में पता चला कि शनिवार शाम छह बजे वह शिवा के साथ पहली मंजिल पर बने कमरे में पिता की लाइसेंसी राइफल लेकर खेल रहा था। उस वक्त संजय सब्जी लेने गए थे। रेनू और रितु दूसरे कमरे में अपने काम में व्यस्त थीं। खेल-खेल में शिवा ने राइफल उठाई और उसे लोड करते हुए दिव्य की तरफ तान दी। इसके बाद दोनों बच्चों में राइफल को लेकर छीनाझपटी होने लगी और अचानक गोली चल गई।
इसकी आवाज सुनकर लोग कमरे में पहुंचे तो देखा शिवा खून से लथपथ पड़ा था। पास ही में दिव्य खड़ा था और राइफल भी थी। शिवा को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही कृष्णानगर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने छानबीन के लिए फारेंसिक टीम को भी बुला लिया। जांच के बाद पुलिस ने लाइसेंसी राइफल को कब्जे में ले लिया। वहीं, चौक पुलिस ने शिवा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गार्ड की नौकरी की तलाश में था मामा
संजय गांव में रहकर खेती करते हैं। वह गार्ड की नौकरी की तलाश में था। इसके लिए लाइसेंसी राइफल लेकर आया था। शिवा की एक और बड़ी बहन ज्योति मां पुष्पा के साथ गांव में रहती हैं। उसके पिता बलवीर बीएसएफ में हैं और पंजाब में तैनात है। वे छुट्टी लेकर गांव आए हुए हैं।