महानगर इलाके में रविवार रात मिडलैंड अस्पताल के पास एक रईसजादे (सराफ) ने मौत की एसयूवी दौड़ाई। सामने से आ रहे साइकिल और स्कूटी सवार को टक्कर मार दी। तब भी एसयूवी नहीं रोकी। जिससे दोनों युवक एसयूवी में फंसकर करीब 50 मीटर तक घिसटते रहे। आखिर में दीवार से टकराने के बाद एसयूवी रुकी। तब रईसजादा एसयूवी छोड़कर भाग गया। हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई।
मूल रूप से गोंडा निवासी धर्मेंद्र पाल (21) महानगर में कल्याण मंडपम के पास परिवार के साथ रहते थे। वह माली थे। रविवार रात पौने नौ बजे धर्मेंद्र साइकिल से गोल मार्केट से अपने घर की तरफ जा रहे थे। उनके पीछे एक फिनायल कंपनी के सेल्स मैनेजर महानगर के पंतनगर (मूल रूप से गोंडा के करनैलगंज) निवासी नरेंद्र त्रिवेदी (27) स्कूटी से आ रहे थे।
मिडलैंड अस्पताल के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार एसयूवी ने अचानक दाहिनी ओर आकर एक के बाद एक दोनों को टक्कर मार दी। चालक एसयूवी रोकने के बजाय और तेजी से भागने लगा। इससे धर्मेंद्र व नरेंद्र एसयूवी में फंसकर करीब 50 मीटर तक घिसटते चले गए। फिर सड़क किनारे दीवार में टकराकर एसयूवी रुकी तो चालक उतरकर भाग गया। हादसे में धर्मेंद्र व नरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्र ने बताया कि मृतक धर्मेंद्र की पत्नी रिंकी ने तहरीर दी है। एसयूवी नंबर के आधार पर लापरवाही से मौत सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एसयूवी चालक प्रतीक जायसवाल महानगर के ही शालीमार गैलेंट अपार्टमेंट का रहने वाला है। उसकी तलाश में दो टीमें लगाई गई हैं। उधर दोनों शव पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए। नरेंद्र हेलमेट पहने थे लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि जान नहीं बच सकी।
रफ्तार सौ के पार होने की आशंका
हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि एसयूवी की रफ्तार कितनी तेज थी। पुलिस की जांच के मुताबिक हादसे के वक्त एसयूवी की रफ्तार 100 के पार होने की आशंका है। रफ्तार की वजह से ही नरेंद्र व धर्मेंद्र टक्कर लगते ही उछलकर गिरे और फिर एसयूवी में फंस गए।
एक और साइकिल सवार को मारी थी टक्कर
मृतक के परिजनों ने बताया कि हादसे की जानकारी पर वह घटनास्थल पर पहुंचे थे। कुछ लोगों ने उनको बताया था कि हादसे से पहले वहां से कुछ दूरी पर एक और साइकिल सवार को एसयूवी ने टक्कर मारी थी। वहां से जब वह एसयूवी लेकर तेजी से भागा तो आगे इन दोनों को रौंद दिया। हालांकि उस साइकिल सवार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस को भी कोई सूचना नहीं है।
बेअंदाज है रईसजादा, हमेशा रफ्तार में दौड़ाता है एसयूवी
महानगर इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्र ने बताया कि एसयूवी चला रहे प्रतीक जायसवाल का परिवार में आपसी विवाद हुआ था। इस वजह से वह दो-तीन दिन से तनाव में था। आशंका है कि उसने शराब भी पी थी। तभी उसने बेकाबू रफ्तार में एसयूवी दौड़ाई। वहीं, जब एसयूवी की चालान हिस्ट्री देखी गई तो पता चला कि अप्रैल 2023 से अब तक ओवर स्पीड के सात चालान हुए हैं। सभी चालान लखनऊ में ही हुए हैं। इससे साफ है कि आरोपी अक्सर इसी तरह से तेज रफ्तार में एसयूवी चलाता है।
मातम में डूबे दोनों परिवार
नरेंद्र के परिवार में उनकी पत्नी दीपाली, बेटा शीबू और मां राधा हैं। चार साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। वहीं, धर्मेंद्र के परिवार में पत्नी रिंकी, पिता राजकुमार और मां गायत्री हैं। डेढ़ साल पहले ही धर्मेंद्र की शादी हुई थी। रिंकी छह माह की गर्भवती हैं। हादसे से दोनों परिवार मातम में डूब गए हैं।