रायबरेली ऊंचाहार थाना क्षेत्र के पूरे भूसई इटौरा बुजुर्ग गांव में वर्चस्व की जंग में सोमवार रात पांच लोगों को जिंदा एसयूवी में फूंक दिया गया। जिंदा जलाने के पहले चार को लाठियों से बुरी तरह से पीटा गया था जबकि एक को गोली मारने के साथ ही उसका मुंह ईंटों से कूंचा गया था।
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मरने वालों में चार प्रतापगढ़ जिले के संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के थे तो एक युवक कौशांबी जिले के सैनी थाना क्षेत्र का रहने वाला था। इस दिल दहला देने वाली वारदात में पुलिस ने चार नामजद और चार अज्ञात लोगों पर हत्या की एफआईआर दर्ज की है। ग्राम प्रधान रामश्री के तीन बेटों समेत चार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मृतक रोहित शुक्ल (40) के छोटे भाई देवेश ने तहरीर में कहा है कि ऊंचाहार थाना क्षेत्र के पूरे भूसई इटौरा बुजुर्ग गांव में अपनी ससुराल में रहता है। रोहित इटौरा से प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
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इसे लेकर गांव की प्रधान रामश्री के बेटे राजा यादव उर्फ विजय बहादुर, कृष्ण कुमार यादव और प्रदीप यादव उससे अदावत रखते थे। ससुराल में वह नया मकान बनवा रहा है।
ये था पूरा मामला
सोमवार को रोहित अपने दोस्त बच्चा शुक्ल उर्फ नरेंद्र (22) निवासी देवारा संग्रामगढ़ प्रतापगढ़, अंकुश मिश्रा उर्फ भास्कर (25), अनूप मिश्रा (28) निवासी पूरे पंडित का पुरवा भरतपुर संग्रामगढ़, बृजेश शुक्ला (26) निवासी सातौं, सैनी कौशांबी, वीरू पांडेय निवासी देवारा संग्रामगढ़ के साथ इटौरा आया था।
सोमवार रात करीब आठ बजे के बाद रोहित सभी को सफारी से लेकर इटौरा से अपने ननिहाल ऊंचाहार थाना क्षेत्र के झमनी का पुरवा जाने के लिए निकला।
गाड़ी पर फायरिंग की और बाहर निकालकर लाठियों से पीटा
देवेश के मुताबिक आपटा गांव के पास राजा यादव, कृष्ण कुमार यादव, प्रदीप यादव और पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार यादव समेत आठ लोगों ने गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी।
हमलावरों ने बच्चा शुक्ल, अंकुश मिश्रा, अनूप मिश्रा को गाड़ी से बाहर निकालकर लाठियों से पीटकर अधमरा कर दिया। इसके बाद गाड़ी में आग लगा दी। झुलसने के कारण बच्चा, अंकुश, अनूप, रोहित शुक्ला और बृजेश शुक्ल की मौत हो गई। जबकि देवेश शुक्ल और वीरू पांडेय भाग निकले।
हादसे का रंग देने की कोशिश की गई, पुलिस भी हादसा ही मानती रही
ऊंचाहार थाना क्षेत्र में सफारी में आग लगने से पांच लोगों की मौत के मामले में सोमवार को गाड़ी की टक्कर से खंभा और तार टूटने के कारण आग लगने की बात कही जा रही थी। एसपी गौरव सिंह भी देर रात घटना का कारण यही बता रहे थे।
इटौरा गांव की प्रधान रामश्री के बेटे राजा यादव ने बताया था कि सफारी से आए कुछ लोगों ने उनके घर पर गालीगलौज और फायरिंग की। शोरशराबा होने के बाद ग्रामीणों के ललकारने पर हमलावर गाड़ी से भागने लगे। बरगदहा के पास गाड़ी बिजली के खंभे से टकराकर पलट गई।
पोल टूटने से तार गाड़ी पर गिर पड़ा। जिससे लगी आग से उसमें सवार पांचों लोग जिंदा जल गए। देर रात एडीजी अभय प्रताप, आईजी जय नारायण सिंह ने मौका-ए-वारदात का जायजा लिया। उधर, ग्राम प्रधान रामश्री का आरोप है कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर घर वालों को फंसा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली हैवानियत की पोल
एसपी गौरव सिंह का कहना है कि प्रधान रामश्री के तीनों बेटों व गांव के राम बहल यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक अनूप मिश्रा को जांघ में गोली लगी थी। साथ ही उसका मुंह ईंटों से कूचा गया था। बृजेश, भाष्कर, नरेंद्र को लाठी-डंडों से पीटा गया था। इसमें सभी जले हुए थे।