लखनऊ। परिवहन विभाग की टीम ने बुधवार को आलमबाग की टेढ़ी पुलिया से ऐसी डग्गामार बस पकड़ी, जो हूबहू रोडवेज की लग रही थी। इसे रोडवेज की बस के रंग में रंगवाकर एक वर्ष से सवारियां ढोई जा रही थी। संचालक पर 1.36 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर बस सीज कर दी गई है।
रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों की शिकायत पर एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव बुधवार को आलमबाग की टेढ़ी पुलिया पर चेकिंग कर रहे थे। दोपहर 12 बजे बस (यूपी 31एटी 4703) की जांच की गई, जो रोडवेज बस के रंग में थी, लेकिन दस्तावेज में प्राइवेट निकली। बस कमरूल हसन के नाम से प्रयागराज में पंजीकृत है। मौके पर बस ड्राइवर मनोज मिला। कार्रवाई के दौरान रोडवेज के आलमबाग व हैदरगढ़ उपनगरीय डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक भी थे।
आलमबाग में नहीं खड़ी करने की दी बस
सीज की गई बस को आलमबाग टर्मिनल ले जाया गया, जहां अधिकारियों ने उसे खड़ा नहीं होने दिया। प्रवर्तन टीम को जगह न होने की बात कहकर बस कहीं और ले जाने के लिए कहा गया। इसके बाद बस वृंदावन कॉलोनी स्थित पी-4 पार्किंग में खड़ी की गई।
दस्तावेज में बस के रंग से छेड़छाड़
दस्तावेज में बस की फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र सही मिले। जब रंग की जांच की गई तो उसकी जगह पर कलरकोट अंडरस्कोर लिखा था, जो फर्जी था। बस के दस्तावेज से भी छेड़छाड़ की गई थी।
सीएनजी बस को रंगकर बना दिया था ई-बस
करीब तीन वर्ष पहले चौक से नैमिषारण्य के लिए मुख्यमंत्री ने दो ई सिटी बसों का संचालन शुरू किया था। चार्जिंग स्टेशन न होने से इनमें से एक बस बंद हो गई। इस पर सिटी ट्रांसपोर्ट अधिकारियों ने कारस्तानी दिखाते हुए सीएनजी बस को ई-बस के रंग में रंगवाकर रूट पर उतार दिया था। पोल खुलने पर अफसरों को सीएम कार्यालय से फटकार लगी थी।
रोडवेज के रंग में बस को कलर करवाकर कर रहे थे डग्गामारी, बस सीज
रोडवेज के रंग में बस को कलर करवाकर कर रहे थे डग्गामारी, बस सीज
रोडवेज के रंग में बस को कलर करवाकर कर रहे थे डग्गामारी, बस सीज