स्कूटर इंडिया के एक यात्री ने बताया कि बस में आग लगने का अहसास ड्राइवर धर्मेंद्र सिंह को हुआ तो उसने सबसे पहले इमरजेंसी गेट खोलने का प्रयास किया पर सफल नहीं हुआ। ड्राइवर की मदद से यात्रियों ने बड़ी मुश्किल से गेट खोला, लेकिन उससे पहले अधिकतर यात्री खिड़की से कूद करके जान बचा चुके थे।
खिड़की के शीशे तोड़ कूदे यात्री
आशियाना के एक प्रत्यक्षदर्शी व्यापारी ने बताया कि आग की ऊंची-ऊंची लपटों से जब बस के अंदर यात्री घिरने लगे तो खिड़की के शीशे तोड़-तोड़ कर कूदे। खिड़की से कूदने के दौरान यात्री नीचे गिरे तो किसी के पैर में चोट आई तो किसी के हाथ में। कुछ यात्री तो उल्टी तरफ से (जिधर वाहन का आवागमन हो रहा था) कूदे तो वाहनों से टकरा चोटिल हो गए।