पर्यटकों को अब शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को जानने-समझने के लिए भागमभाग नहीं करनी पड़ेगी।
उन्हें एक म्यूजियम में ही सारी जानकारी मिल जाएगी। शहरवासी और पर्यटक आने वाले समय में गोमती नदी में विदेशों की तर्ज पर रिवर क्रूज का लुत्फ भी उठा सकेंगे।
इसके अलावा पर्यटन के प्रचार-प्रसार और मार्केटिंग के लिए शासन ने सूबे के बाहर स्थित क्षेत्रीय पर्यटक कार्यालयों में आउट सोर्सिंग के जरिये प्रोफेशनल लोगों को रखने का फैसला भी किया है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन ने बुधवार को पर्यटन विभाग की समीक्षा करते हुए लखनऊ को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि यहां की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक म्यूजियम बनाया जाए।
इसमें 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की झलकियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने राजधानी में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए गोमती नदी में विदेशों की तर्ज पर रिवर क्रूज और सुंदर घाट बनाने के भी निर्देश दिए।
पर्यटन सचिव को अगली समीक्षा बैठक में वाइल्ड लाइफ और ईको टूरिज्म से संबंधित विषयों पर चर्चा के लिए वन विभाग को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए।
रंजन ने प्रदेश के बाहर स्थित क्षेत्रीय पर्यटक कार्यालयों में स्थानीय प्रोफेशनल लोगों को आउट सोर्सिंग के माध्यम से रखे जाने के निर्देश दिए, ताकि वहां उप्र पर्यटन के प्रचार-प्रसार एवं विपणन का कार्य बेहतर ढंग से किया जा सके।
बैठक में पर्यटन का बजट बढ़ाने की मांग भी उठी। विभाग को इसका प्रस्ताव तैयार करके भेजने को कहा गया है।
पर्यटन निगम की प्रबंध निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने कहा कि सरकारी विभागों को रेल, हवाई टिकट, टैक्सी, होटल आदि की बुकिंग पर्यटन निगम के माध्यम से कराने के निर्देश जारी किए जाएं।
इसका प्रस्ताव भी शासन को भेजने को कहा गया है। बैठक में पर्यटन सचिव संजीव सरन भी उपस्थित थे।