राजधानी में लापरवाह क्षेत्रीय इंजीनियरों के चलते उपजे बिजली संकट का ठीकरा लेसा मुखिया करन सिंह के सिर फूट गया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने मंगलवार को उन्हें हटाकर शमीम अहमद को कमान सौंप दी है।
एक मंत्री की नाराजगी ने भी सिंह को हटवाने में आग में घी का काम किया। हालांकि बिजली ठप होते ही सरकारी मोबाइल बंद करने और उपभोक्ता सेवा के प्रति लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों का बाल बांका नहीं हो सका।
मध्यांचल निगम के प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा ने मंगलवार को रामपुर के अधीक्षण अभियंता शमीम अहमद को लेसा में प्रभारी मुख्य अभियंता के रूप में तैनाती दी, जिन्होंने तत्काल प्रभाव से पदभार ग्रहण कर लिया।
दरअसल, आशियाना, अमीनाबाद, बालाघाट एवं अहिबरनपुर उपकेंद्र इलाके में पटरी से उतरी बिजली व्यवस्था से लेसा की काफी किरकिरी हुई थी। कहीं घटिया उपकरण ने दगा दे दिया तो कहीं पर क्षेत्रीय इंजीनियरों ने बिजली संकट दूर करने में भूमिका अदा नहीं की।
इससे नाराज लोगों का निशाना निदेशक प्रदीप टंडन तक बने। इसी बीच, एक मंत्री भी करन सिंह से नाखुश हो गए। जानकारी के अनुसार सिंह आधी रात में उनकी कॉल रिसीव नहीं की थी। अब करन सिंह मुख्य अभियंता लखनऊ क्षेत्र के रूप में काम करेंगे यानी उनसे लेसा की दोहरी जिम्मेदारी छीन ली गई है।
आधे घंटे में चालू होगी बंद बिजली
प्रबंध निदेशक ने बालाघाट उपकेंद्र पर ऐसी व्यवस्था बनाई है कि अब एक 33 केवी की आपूर्ति बंद होने पर आधे घंटे के भीतर दूसरे 33 केवी केबल से बिजली चालू कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि दोनों 33 केवी केबल के जम्पर जोड़ने की व्यवस्था अलग-अलग कर दी गई है। अब सिर्फ फॉल्ट वाले केबल को हटाने में आधे घंटे का वक्त लगेगा।
उन्होंने बताया कि अमीनाबाद के अस्तबल चारबाग में 400 केवीए के ट्रांसफार्मर को हटाकर नया 630 केवीए का ट्रांसफार्मर रख कर बिजली चालू कर दी गई है। इससे रोजेदारों की बिजली सुधरेगी और विद्युत लोड की समस्या दूर होगी।