लखनऊ। देश में हर साल करीब चार लाख मरीजों को किडनी, लिवर और अन्य अंगों के प्रत्यारोपण की जरूरत होती है। इनमें से बमुश्किल एक फीसदी को ही इसका लाभ मिल पाता है।
राजभवन में बुधवार को आलम्बन एसोसिएट्स चैरिटेबल ट्रस्ट के शुभारंभ पर यह जानकारी दी गई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ट्रस्ट के उद्देश्य-पत्र का विमोचन और ट्रस्ट का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि लोगों को अंगदान के लिए आगे आना चाहिए। सोशल मीडिया पर छोटी-छोटी क्लिप बनाकर अंगदान को लेकर जागरूकता फैलाई जानी चाहिए। इसमें बड़े अस्पतालों तथा चिकित्सा संस्थानों का सहयोग लिया जाए। जागरूकता फैलाई जाए कि अंगदान से कोई नुकसान नहीं होता।
ट्रस्ट की सदस्य प्रो. सुजाता देव ने बताया कि देश में हर साल करीब दो लाख लोग किडनी फेल होने से जान गंवाते हैं। इसके बावजूद पिछले साल 11,423 लोग ही इसका लाभ पा सके। इनमें भी 9,834 दानकर्ता परिवार के सदस्य थे। इसी तरह हर साल करीब दो लाख लोग लिवर फेल्योर से पीड़ित होते हैं। प्रत्यारोपण से इनमें से महज तीन से चार हजार की ही जान बचाई जा पाती है। ट्रस्ट के सदस्य जागरूकता फैलाने तथा ब्रेनडेड होने के बाद अंगदान के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए प्रयासरत हैं।
मौके पर संस्था के ये सदस्य रहे मौजूद
संदीप कुमार- सेवानिवृत्त मुख्य आयकर आयुक्त्त, डॉ. नारायण प्रसाद- अध्यक्ष नेफ्रोलॉजी विभाग पीजीआई, डॉ. सुजाता देव- प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग केजीएमयू, डॉ. नरेंद्र देव- कंसलटेंट फिजिशियन राजभवन, डॉ. संतोष कुमार- प्रो. रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग केजीएमयू, डॉ. पुष्पलता शंखवार- प्रो. प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग केजीएमयू, डॉ. आरके दीवान- प्रो. एनोटॉमी विभाग केजीएमयू, महेंद्र कुमार सत्या- सीए, कमल बाजपेई- आयकर अधिकारी, एसके शर्मा- अपर आयुक्त आयकर, संतोष कुमार-अटल बिहारी बाजपेई विवि, फैजल खान- केजीएमयू।