लोकसभा चुनाव से पहले बीती एक अक्तूबर से संचालित तीन माह के विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान जिले में 96 हजार से अधिक नए मतदाता जुड़े हैं।
इन्हें मिलाकर 31 जनवरी को होने वाली पुनरीक्षित मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद जिले में मतदान सूचियों में दर्ज वोटरों की संख्या का आकंड़ा 33,01,859 तक पहुंच जाएगा।
चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट में छूटे मतदाताओं का नाम दर्ज कराने व डूप्लीकेट वोटरों का नाम हटवाने को बीते वर्ष एक अक्तूबर से लेकर 31 दिसंबर तक की अवधि में विशेष पुनरीक्षण अभियान जिले में संचालित किया गया।
अभियान के दौरान 96,753 ने वोटरों के नाम सूची में दर्ज कराए गए। साथ ही सूची में दर्ज करीब 1.25 लाख डूप्लीकेट नाम वाले मतदाताओं के नाम हटाने का कार्य भी किया गया।
पुनरीक्षण अभियान के बाद अपडेट हुए हर विधानसभा क्षेत्र स्तर की पुनरीक्षित मतदाता सूचियों का प्रकाशन अब 31 जनवरी को किया जाएगा।
जिला निर्वाचन कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार हर विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निग अधिकारियों की ओर से मुहैया कराई गई अपडेट सूची के आधार पर जिले में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 33 लाख के पार हो गई है।
अभियान के दौरान नया वोटर बनने के लिए जिले के सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों से करीब एक लाख पात्रों ने मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरा।
फार्म में दर्ज सूचनाओं के सत्यापन के बाद इनमें से 96,753 नए वोटरों के नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में अपलोड कर दिए गए हैं।
जिला निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी बताते हैं 31 जनवरी को पुनरीक्षित मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद एक फरवरी से दोबारा बचे हुए मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने को फॉर्म-6 भरवाने का कार्य शुरू होगा।
जो चुनाव अधिसूचना जारी होने तक चलेगा। अभियान के दौरान सर्वाधिक 25337 नए मतदाता उत्तर विधानसभा क्षेत्र से तो सबसे कम 11,420 मतदाता कैंट विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट में जुड़े।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि सूचियों में शामिल नए मतदाताओं को रंगीन कलेवर वाले नए मतदाता आईकार्ड वितरित कराने का कार्य बीआरसी केंद्रों पर छह फरवरी से शुरू होगा।
जबकि पुराने श्वेत श्याम वोटर आईडी को रंगीन कार्ड में तब्दील कराने का अभियान 16 फरवरी से शुरू होगा। इसके लिए आवेदक को आयोग की ओर से निर्धारित शुल्क राशि जमा करानी होगी।
जिला निर्वाचन कार्यालय के सूत्र बताते हैं कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान बढ़े हुए मतदाताओं में पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं की हिस्सेदारी 65 फीसदी तक है।