31 घंटे ठप रही चीनी मिल, किसान परेशान
सुल्तानपुर। किसान सहकारी चीनी मिल में रोला की बियरिंग टूटने से 31 घंटे तक गन्ने की पेराई ठप रही। बुधवार दोपहर करीब दो बजे मिल में गन्ने की पेराई शुरू कराई गई।
गन्ने की पेराई बंद होने से तौल कराने आए किसानों को भीषण गर्मी में परेशानी उठानी पड़ी। आए दिन तकनीकी खराबी समेत अन्य कारणों से चीनी मिल बंद रहने से किसानों के खेत में गन्ना सूख रहा है।
मिल में अभी तक 10.38 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई ही हो पाई है। ऐसे में चीनी मिल के लिए 16 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई करने का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा। अभी भी चीनी मिल का 5.62 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने का लक्ष्य शेष है।
जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी में गन्ना किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार सुबह सात बजे चीनी मिल के रोला की बियरिंग टूटने से गन्ने की पेराई ठप हो गई थी।
मिल के इंजीनियर और अन्य तकनीकी स्टाफ रोला की बियरिंग की मरम्मत में जुटे रहे। बुधवार दोपहर करीब दो बजे चीनी मिल में गन्ने की पेराई शुरू हुई। करीब 31 घंटे तक गन्ने की पेराई ठप रहने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ी।
तेज धूप में किसान गन्ने की तौल कराने के लिए इंतजार करते रहे। उधर, तकनीकी खराबी समेत अन्य कारणों से आए दिन चीनी मिल में गन्ना पेराई बाधित रहने से किसानों का गन्ना खेत में सूख जा रहा है। चीनी मिल में अभी तक 10.38 क्विंटल गन्ना की पेराई ही हो पाई है।
मिल के लिए मौजूदा सत्र में 16 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अभी भी चीनी मिल का 5.62 क्विंटल गन्ना पेराई करने का लक्ष्य शेष है।
भीषण गर्मी होने और गेहूं कटाई व मड़ाई शुरू होने से किसानों को मजदूर भी नहीं मिल रहे हैं। किसानों को गन्ना खेत खाली करने में दिक्कतें हो रही हैं। ऐसी स्थिति में चीनी मिल के लिए निर्धारित लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं होगा।
किसान सहकारी चीनी मिल के जीएम केपी शुक्ल ने बताया कि रोला नंबर दो की बियरिंग टूटने से मंगलवार सुबह सात बजे से गन्ने की पेराई बंद हो गई थी। मिल के इंजीनियर व अन्य तकनीकी स्टाफ को मरम्मत कार्य में लगाया गया था। रोला की बियरिंग बदलवाकर गन्ने की पेराई शुरू करा दी गई है।
किसान सहकारी चीनी मिल के कर्मियों ने बकाया वेतन की मांग को लेकर कई दिन तक कार्य बहिष्कार किया था। इससे मिल का मरम्मत कार्य पिछड़ गया था।
काफी मान-मनौव्वल के बाद मिलकर्मी कार्य पर लौटे थे। पेराई सत्र का 17 दिसंबर 2018 को शुभारंभ हुआ था। गन्ना पेराई शुरू होने में हुए विलंब का खामियाजा गन्ना किसानों को उठाना पड़ रहा है।