गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि जून 2018 से 30 सितंबर 2020 तक 183 इकाइयों को लाइसेंस दिए गए। इन इकाइयों से रोज 46,850 टन क्रशिंग की क्षमता बढ़ी है। यह लगभग 10 चीनी मिलों के बराबर है। पेराई सत्र 2019-20 में 56 इकाइयों में पेराई शुरू हो गई है। इस साल अधिकतर इकाइयों का संचालन हो जाएगा।
खास बातें
- चीनी मिल से 7.5 किमी की दूरी पर मिल सकता है खांडसारी का लाइसेंस।
- किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
- दो से पांच करोड़ रुपये तक का निवेश है नई इकाई लगाने में।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर तैयार नई खांडसारी नीति में चीनी मिल से 7.5 किमी की दूरी पर कहीं भी खांडसारी इकाई लगाई जा सकती है। पहले यह दूरी 15 किमी थी। लाइसेंस देने की प्रक्रिया ऑनलाइन व आसान कर दी गई। इसी वजह 183 से ज्यादा लाइसेंस जारी हए। नई इकाइयों से किसानों को लाभ मिला है, ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है और ग्रामीण उद्यमी तैयार हुए हैं।