गंगा में बहती मिलीं लाशों को आखिरकार उसी स्थान पर जेसीबी की मदद से मिट्टी डालकर दफन कर दिया गया। यह कार्यवाही परियर गांव के ग्राम प्रधान व ग्रामीणों की सहमति के बाद की गई।
बुधवार सुबह से ही डीएम सौम्या अग्रवाल की नेतृत्व में डटी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शाम तक 81 लाशों की तलाश कर डीएनए टेस्ट के लिए दांतों के नमूने लिए हैं। फिर हवन और आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने के बाद शवों को दफनाया गया। डीएम ने लाशों की संख्या बढ़ने से इनकार नहीं किया है।
कुछ शव मुख्य धारा में भी देखे गए थे, जिन्हें सफाई कर्मियों ने निकालने से इनकार कर दिया। भाजपाइयों के विरोध को देखते हुए सुबह से ही मौके पर उन्नाव के साथ कानपुर से भी कई थानों की फोर्स व पीएसी भी को बुला लिया गया।
मंगलवार को परियर घाट के पास गंगा में कुछ लाशें उतराते मिलीं। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंचे एडीएम उन्नाव शिवेंद्र सिंह, एएसपी रामकिशुन यादव, एसडीएम सरजू प्रसाद शुक्ला समेत तहसील अमला मौके पर पहुंच गया।
जेसीबी की मदद से लाशों को दफनाने की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन रात में मौके पर पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई ने पोस्टमार्टम के बाद ही लाशों को दफनाने की मांग शुरू कर दी और काम रुकवा दिया। इसके बाद काम रोक दिया गया।
बुधवार सुबह जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने खुद मोर्चा संभाला और उनके नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम परियर घाट पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीएनए टेस्ट के लिए लाशों के दांतों के सैंपल लेकर उनकी कोडिंग करनी शुरू की।
लिए गए लाशों के सैंपल
इसी दौरान जिलाधिकारी, एडीएम, एएसपी, एसडीएम व पूर्व विधायक रामकुमार की मौजूदगी में परियर ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से लाशों को दफनाने पर सहमति जता दी जिसके बाद पहले मृत आत्माओं की शांति के लिए मौके पर हवन कराया गया और फिर पांच जेसीबी की मदद से लाशों को दफनाने का काम शुरू किया गया।
काम शुरू ही हुआ था कि मौके पर भाजपा सांसद साक्षी महाराज के जिला प्रतिनिधि प्रेम चंद्र लोधी के नेतृत्व में भाजपाइयों ने इसका विरोध करते हुए काम रुकवा दिया लेकिन डीएम व पुलिस की सख्ती के आगे भाजपाइयों के तेवर ज्यादा सख्त नहीं रह पाए और उन्हें पीछे हटना पड़ा।
जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने कहा कि 81 लाशों के सैंपल लेकर उन्हें दफना दिया गया है। शवों की संख्या और भी हो सकती है जिन्हें तलाश कर दफनाया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन हो सकता है जिम्मेदार: डीएम
जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल से पत्रकारों द्वारा जब पूछा गया कि इतनी बड़ी तादात में लाशें यहां कैसे पहुंचे तो वह गोलमोल जवाब देने लगी। पहले कहा कि लाशों को यहां लाकर ग्रामीणों दफनाया जाता था। उन्होंने इस बात से भी इनकार नहीं किया कि कोई घटना के बाद भी यहां शव लाकर फेंका गया होगा।
इस पर पत्रकारों ने जब पूछा कि गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए कोर्ट से लेकर शासन तक की सख्ती के बाद भी यहां ऐसा क्यों हो रहा था तो उन्होंने कहा कि तहसील व पंचायत स्तर के अधिकारियों की इसमें लापरवाही है जिनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।