सीतापुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के सेंटर निर्धारण में बरती गई लापरवाही को शासन ने सीधे जनपद को दोषी ठहरा दिया है। शासन का कहना है आप द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचनाओ के आधार पर केंद्र निर्धारित किए गए है। जबकि शासन ने ही केंद्र तय किए थे। कई जगहों पर सुविधाओं की पूरी जानकारी अपलोड की गई थी। इसके बावजूद उन केंद्रों को सेंटर बनाया गया है जहां पर मानक ही नहीं पूरे है। इस पर अपनी फजीहत से बचने के लिए डीआईओएस को ही चेतावनी जारी कर दी।
शासन ने 27 नवंबर तक आपत्तियों का निस्तारण करके प्रस्ताव मांगा है। इस बार कॉलेज द्वारा पहले आधारभूत सुविधाओं की जानकारी मांगी गई थी। इस पर जनपद के सभी कॉलेजों ने जानकारी अपलोड़ की। इस जानकारी के आधार पर बोर्ड परीक्षा के लिए शासन ने 118 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। लेकिन जब केंद्र की सूची आई तो उसमे तमाम अव्यवस्थाएं दिखाई पड़ी है। बालिकाओं का सेंटर 40 किलोमीटर दूर बना दिया गया है। वही बालकों का 30 किलोमीटर की दूरी पर बनाया गया है। ऐसे करीब दो दर्जन से अधिक विद्यालय है। वही, कई स्कूलों की क्षमता 400 थी वहां पर दोगुने विद्यार्थी भेज दिए गए है। इसके कारण कॉलेज गलतियों को सुधार कराने के लिए इधर उधर भटक रहे है। जब एक साथ सैकड़ों आपत्तियां आ रही है तो सीधे शासन ने जनपद को ही दोषी ठहरा दिया। कहा आप ने जो सत्यापित करके सूचनाएं अपलोड़ की है उसी आधार पर केंद्र बने है। जबकि डीआईओएस द्वारा मुहैया कराई गई जानकारी से कई कॉलेजों को सेंटर बनाने में भिन्नता मिली।
अब डीआईओएस ने फिर से बनाए गए केंद्रों का स्थलीय सत्यापन करा रहे है। इस पर शासन ने अपनी फजीहत से बचने के लिए डीआईओएस को कड़े निर्देश दिए है। जिसके जरिए कहा आपत्ति लेकर इनका जायज तरीके से निस्तारण करा लें। जिलाधिकारी से निस्तारण का अनुमोदन कराकर 27 नवंबर तक सूची शासन को भेज दें।
आपत्तियों का होगी जांच
शासन ने केंद्र निर्धारित किए है। सभी कॉलेजों से आपत्तियां मांगी गई है। आज आपत्ति करने का आखिरी दिन है। इसके बाद सभी आपत्तियों को चेक किया जाएगा। जहां पर कमी है उसे दूर करके शासन को अवगत कराया जाएगा।
देवकी सिंह, डीआईओएस