इस मौके पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि आज का दिन काफी प्रेरणादायी है। आज हम लोग डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मना रहे हैं। उनके योगदान को याद कर रहे हैं। शिक्षकों को सिर्फ सम्मानित ही नहीं, उनकी निष्ठा और योगदान को प्रणाम करने के लिए यह कार्यक्रम है। राधाकृष्णन राष्ट्र के शिल्पकार भी हैं। उस दीपक की तरह जो खुद को जलाकर दूसरे का रास्ता प्रशस्त करता है।
आठ साल में बेसिक शिक्षा विभाग की छवि बदली
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई गुल्लक किताब बच्चों की कल्पनाशक्ति को नया आयाम देगी। बाल वाटिका हस्त पुस्तिका का भी विमोचन होगा। गुरु हमारे व्यक्तित्व को भी आकार देने का काम करते हैं। विभाग को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। शिक्षा की नई अलख जगाई है। पिछले आठ साल में बेसिक शिक्षा विभाग की छवि बदली है। सरकार प्रदेश में हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बिना भेदभाव के दे रही है।
बेसिक में भी लागू होंगी NCERT की किताबें
मंत्री ने आगे कहा कि स्कूलों में डिजिटल शिक्षा, NEP के तहत नए प्रयोग, लर्निंग बाई डूइंग का प्रयोग कर रहे हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सभी बेसिक सुविधा दे रहे हैं। बच्चे स्मार्ट क्लास, टैबलेट से पढ़ाई कर रहे हैं। बैठने के लिए अच्छे फर्नीचर उपलब्ध हैं। NCERT की किताबों को बेसिक में भी लागू करने जा रहे हैं। कक्षा चार तक अगले साल लागू करेंगे। इसे आठ तक ले जाएंगे। केजीबीवी 13वीं तक अपग्रेड हो रहे हैं। हर जिले में दो-दो सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनेंगे।