एनजीटी की आपत्ति के बाद भी स्वास्थ्य विभाग सरकारी संस्थानों में भी मानक को पूरा नहीं करा पाया है। सरकारी अस्पतालों की पैथोलॉजी में हर रोज सैकड़ों मरीजों की पैथोलॉजी जांच होती है। बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु, रानी लक्ष्मीबाई, बीआरडी महानगर समेत अन्य अस्पताल में सीधे पानी गिराया जा रहा है।
निजी पैथोलॉजी को भेजा जाएगा नोटिस
एनजीटी की आपत्ति के बाद सभी निजी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। निजी पैथोलॉजी का पानी बिना संशोधित किए छोड़े जाने मामले में नोटिस भेजा जाएगा। मानक को पूरा कराया जाएगा।
डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ
ब्लीचिंग में करते हैं संशोधित
अभी पैथोलॉजी में जांच के बाद पानी को ब्लीचिंग में संशोधित करके छोड़ा जा रहा है। अस्थाई तौर पर यह व्यवस्था की गई है। -डॉ. डीएस नेगी, सिविल निदेशक
भेजा जाएगा ईटीपी लगाने का प्रस्ताव
पैथोलॉजी-रेडियोलॉजी से निकलने वाला पानी संशोधित करके डाला जा रहा होगा। जो भी सुधार होगा तो उसे ठीक कराया जाएगा। ईटीपी लगाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
एसएम त्रिपाठी, प्रवक्ता, बलरामपुर अस्पताल