शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने कई कदम उठाए हैं। अब यूपी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 80 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी।
वहीं, शिक्षकों और स्टाफ की हाजिरी बायोमीट्रिक सिस्टम से लगेगी। इसके लिए शासन ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश सरकार ने जहां निजी स्कूलों की हर साल बढ़ रही फीस को नियंत्रित करने के लिए एक अध्यादेश लाने की तैयारी कर ली है, वहीं सरकारी स्कूलों में व्यवस्था सुधारने पर काफी जोर दिया जा रहा है।
निजी स्कूलों के शुल्क ढांचे को नियंत्रित करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर एक ड्राफ्ट भी अपलोड कर दिया गया है। इस पर आम लोगों से सुझाव मांगे गए हैं।
कई राज्यों के नियमों का किया जा रहा है अध्ययन
प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बताया कि माध्यमिक स्कूलों में 80 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य करने के लिए योजना तैयार की जा रही है।
शिक्षकों के लिए भी बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम अनिवार्य होगा। निजी स्कूलों के शुल्क ढांचे को तार्किक रखने के लिए पंजाब, गुजरात समेत कई राज्यों में लागू नियमों का अध्ययन किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने निजी स्कूलों में दाखिले और शुल्क को लेकर जल्द ही अध्यादेश लाने का फैसला भी किया है।
एडेड माध्यमिक विद्यालयों में बायोमिट्रिक अटेंडेंस हुई अनिवार्य
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में बायोमिट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक, 6-मंडल दीप चंद ने इस आशय का आदेश जिला विद्यालय निरीक्षक को जारी कर दिया है। उपस्थिति के लिए सभी विद्यालयों को इसके लिए मशीन और सॉफ्टवेयर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्देश शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों दोनों पर लागू है। लखनऊ की बात करें तो करीब 207 सहायता प्राप्त विद्यालयों में करीब तीन हजार से ज्यादा शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारी हैं।
जैसे ही इन विद्यालयों में नियमित रूप से कक्षाएं चालू होंगी, बायोमिट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था भी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।