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लखनऊः सामुदायिक संक्रमण नहीं, 3000 सैंपल में सिर्फ दो पॉजिटिव

Wed, 08 Jul 2020 05:00 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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कोरोना वायरस - फोटो : ANI
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लखनऊ में अभी सामदुायिक संक्रमण नहीं है। पहले चरण के रैपिड सर्वे में ऑटो चालक, सब्जी विक्रेता, वेंडर, चिकित्सा कर्मी, पुलिसकर्मी आदि के करीब 3000 सैंपल लिए गए थे। इसमें सिर्फ एक वृद्धा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। दूसरे चरण में चल रहे रैपिड सर्वे में घर-घर जाकर जानकारी जुटाई जा रही है।

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इसमें जिन लोगों को बुखार हो अथवा कोरोना वायरस से मिलते-जुलते लक्षण हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। तीन दिन में 600 लोगों की जांच कराई गई है। इसमें सिर्फ दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। एसीएमओ और संक्रामक रोग नियंत्रण प्रभारी डॉ. केपी त्रिपाठी का कहना है कि मरीजों की संख्या भले बढ़ रही है लेकिन रैपिड सर्वे में पॉजिटिव मरीजों की संख्या कम मिलना संतोषजनक है।

पॉजिटिव मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, लेकिन संतोष की बात यह भी है कि ज्यादातर मरीज समूह में मिल रहे हैं। एक मरीज के क्लोज कॉन्टैक्ट में आने से 50-50 लोग पॉजिटिव हुए हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पीएसी जवानों के बाद एंबुलेंस कर्मियों का ग्राफ भी इसका प्रमाण दे रहा है।

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पॉजिटिव मिले मरीजों में 80% से ज्यादा बिना लक्षण वाले

पॉजिटिव मरीजों की संख्या को लेकर स्वास्थ्य निदेशालय और सीएमओ कार्यालय भले अलग-अलग रिपोर्ट जारी कर रहे हों, लेकिन पॉजिटिव पाए गए मरीजों में 80 फीसदी से ज्यादा बिना लक्षण वाले हैं। ऐसे लोगों को किसी तरह का खतरा नहीं है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि बिना लक्षण वाले मरीजों को इसलिए अस्पताल में रखा जाता है ताकि ये दूसरों में वायरस ना फैलाएं।

स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से मंगलवार को 196 मरीज पॉजिटिव बताए गए हैं। अब तक मरने वालों की संख्या 27 और कुल डिस्चार्ज होने वालों की संख्या 940 बताई गई है। जबकि एक्टिव केस 718 हैं। इस हिसाब से राजधानी में कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1684 हो गई है।

जबकि शनिवार को सीएमओ कार्यालय की ओर से जारी रिपोर्ट में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 84 बताई गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी में कुल मरीजों की संख्या 1522 हुई। इस स्थिति में देखा जाए तो दोनों रिपोर्ट में करीब 162 मरीजों का अंतर है। 
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परिवारों में भी सामूहिक संक्रमण

विभिन्न सरकारी और निजी कार्यालयों के साथ ही परिवारों से भी समूह के रूप में मरीज मिले हैं। एलडीए कॉलोनी में एक ही परिवार में 9, पुलिस लाइन में 6, इंदिरा नगर में एक ही परिवार के 7, आलमबाग में एक ही परिवार के 8 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें एक व्यक्ति के जरिए पूरे परिवार में वायरस फैला है।

तीन बच्चे एक साल के:  मंगलवार को पॉजिटिव पाए गए मरीजों में एक-एक परिवार के पांच से 7 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। ऐसे में 3 परिवारों में 1 साल की उम्र के बच्चों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इन सभी में किसी तरह के लक्षण नहीं मिले हैं।

अभी वायरस बेकाबू नहीं 
मरीजों की संख्या भले लगातार बढ़ रही है लेकिन संतोष की बात यह है कि ज्यादातर मरीज बिना लक्षण वाले हैं। केजीएमयू, लोहिया संस्थान और पीजीआई में भर्ती लक्षण वाले मरीजों में भी करीब 20 फीसदी ही गंभीर है। ऐसी स्थिति में कहा जा सकता है कि अभी वायरस बेकाबू नहीं हुआ है। ज्यादातर मरीज ठीक हो रहे हैं। मरने वाले मरीजों की स्थिति देखें तो उन्हें कोई न कोई दूसरी बीमारियां थीं। किडनी, लिवर, कैंसर, हार्ट या रेस्पिरेट्री डिजीज के मरीज जब वायरस की चपेट में आते हैं तो उन्हें बचाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में घबराएं नहीं सिर्फ सावधान रहें। - डॉ. विक्रम सिंह, स्टेट नोडल अधिकारी, कोरोना
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