अब आठवीं पास को भी पॉलीटेक्निक में दाखिला मिल सकेगा। दाखिले के बाद अभ्यर्थी की तकनीकी और एकेडमिक दोनों पढ़ाइयां साथ-साथ चलेंगी।
केंद्र सरकार के सहयोग से पॉलीटेक्निक में शिक्षा की यह नई प्रणाली लागू होने जा रही है। इसे शुरू करने के पीछे मुख्य मंशा युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देना है।
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) के चेयरमैन एसएस मंथा की अध्यक्षता में कम्युनिटी पॉलीटेक्निक का खाका तैयार किया गया है।
योजना के तहत स्थानीय व्यावसायिक जरूरतों के हिसाब से हर स्तर के युवाओं को तकनीकी वोकेशनल ट्रेनिंग दी जानी है। अभ्यर्थी तकनीकी वोकेशनल ट्रेनिंग के साथ ही पढ़ाई भी जारी रख सकेगा।
स्कीम के तहत आठवीं पास अभ्यर्थी को लेवल वन में दाखिला दिया जाएगा। लेवल वन में दाखिले के समय उसे प्रारंभिक तकनीकी शिक्षा दी जाएगी।
लेवल वन पास करने के बाद अभ्यर्थी चाहे तो जॉब के लिए जा सकता है या फिर लेवल दो में दाखिला लेकर पढ़ाई जारी रख सकता है।
जॉब और पढ़ाई दोनों का मौका अभ्यर्थी को पांचों लेवल तक उपलब्ध रहेगा। पांच लेवल पूरा करने के बाद अभ्यर्थी शैक्षणिक और तकनीकी दोनों में दक्ष होने के साथ ही बड़े स्तर की जॉब के योग्य होगा।
राजकीय पॉलीटेक्निक से शुरुआत
कम्युनिटी पॉलीटेक्निक स्कीम सबसे पहले लखनऊ के राजकीय पॉलीटेक्निक से शुरू होगी। प्राविधिक शिक्षा निदेशक ओपी वर्मा के अनुसार प्रदेश की 11 संस्थाओं में कम्युनिटी पॉलीटेक्निक योजना शुरू करने की योजना है।
इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी भेजा गया है। फिलहाल राजकीय पॉलीटेक्निक लखनऊ में टाटा के सहयोग से युवाओं को रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा देने को मंजूरी मिली है।
कम्युनिटी पॉलीटेक्निक सेक्टर्स
ऑटोमोबाइल, एंटरटेनमेंट, इन्फॉर्मेेशन टेक्नोलॉजी, टेलीकम्युनिकेशन, मार्केटिंग, एग्रीकल्चर, कंस्ट्रक्शन, अप्लाइड आर्ट्स, टूरिज्म, प्रिंटिंग एंड पब्लिशिंग। एआईसीटीई ने एक संस्थान में अधिकतम तीन ट्रेड की पढ़ाई कराने की अनुमति दी है।